घुटने में साइनोवियल फ्लूइड की कमी
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क्या होता है घुटनों का ग्रीस?
घुटनों का ग्रीस खत्म होने का मतलब है जोड़ों के भीतर मौजूद सिनोवियल फ्लूइड कम होना और कार्टिलेज की गुणवत्ता प्रभावित होना।
- कार्टिलेज एक मुलायम परत होती है, जो हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाती है।
- जब यह घिसने लगती है या सिनोवियल फ्लूइड कम हो जाता है, तो दर्द, अकड़न और चलने में दिक्कत होने लगती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद ये समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा मोटापा के शिकार, भारी वजन उठाने वाले लोगों और पहले कभी जोड़ में चोट के कारण भी ये समस्या हो सकती है। डायबिटीज, विटामिन-डी की कमी और गठिया जैसी बीमारियां भी जोड़ों को प्रभावित कर सकती हैं।