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Eye Problems: क्या आपकी नजर भी हो गई है धुंधली? डायबिटीज है तो तुरंत करें ये काम

Tue, 07 Jul 2026 05:33 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज केवल रेटिना ही नहीं, बल्कि मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी आंखों की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देती है। अच्छी बात यह है कि समय पर ब्लड शुगर नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन जटिलताओं के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
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आंखों की समस्याएं - फोटो : Amarujala.com/AI
डायबिटीज तेजी से बढ़ता हुआ एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट है। रिपोर्ट से पता चलता है दुनियाभर में 20-79 साल की उम्र के 589 मिलियन (58.9 करोड़) से ज्यादा वयस्क इस बीमारी से जूझ रहे हैं। जिस तेजी के साथ डायबिटीज के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक इनकी संख्या 853 मिलियन (85 करोड़ से ज्यादा) हो सकती है।

डायबिटीज को अक्सर लोग सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी मान लेते हैं, लेकिन जोखिम इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर शरीर की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और इसका सबसे खतरनाक असर आंखों पर पड़ता है। 

यही कारण है कि दुनिया भर में अंधेपन के प्रमुख कारणों में डायबिटिक रेटिनोपैथी भी शामिल है।
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आंखों की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
आंखों पर डायबिटीज का असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड शुगर अक्सर बढ़ा रहता है उनमें किडनी, हार्ट की समस्याओं का खतरा भी अधिक होता है। डायबिटीज का तंत्रिकाओं पर भी असर होता है इससे आंखों को रक्त का संचार करने वाली नसें भी प्रभावित हो जाती हैं।
 
  • डायबिटीज के कारण आंखों को होने वाले नुकसान के शुरुआत में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। 
  • व्यक्ति को न दर्द होता है और न ही तुरंत नजर कम होती है।
  • हालांकि समय के साथ ये आंखों की रोशनी को प्रभावित करती जाती है।
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डायबिटीज का आंखों पर असर - फोटो : Adobe Stock Images
डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या

हाई ब्लड शुगर रेटिना की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को कमजोर बना देती है। इससे सूजन, रक्तस्राव का जोखिम हो सकता है, जिससे नजर कमजोर होने लगती है। इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या कहा जाता है। 
 
  • इसके कारण नजर धुंधली हो जाती है, फ्लोटर्स दिखते हैं और गंभीर मामलों में रोशनी तक जा सकती है।
  • कई लोगों को रात में कम दिखता है, रंगों की पहचान में करने में दिक्कत हो सकती है।
  • ऐसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
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आंखों की जरूर कराएं जांच - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज वाले अपनी आंखों को कैसे बचाएं?

डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों को टाइप-2 डायबिटीज है उन्हें आंखों की विस्तृत जांच करानी चाहिए। 
 
  • इसके अलावा HbA1c, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने से भी आंखों की रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम पड़ता है और रेटिनोपैथी बढ़ने का खतरा घट सकता है।
  • आंखों की दिक्कतों को कम करने के लिए आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखना भी जरूरी है।
  • धूम्रपान छोड़ें, दवाएं समय पर लें, आंखों की नियमित जांच कराएं। इससे आंखों की रोशनी जाने से बचाया जा सकता है।

अधिकांश मामलों में यदि बीमारी का समय पर पता चल जाए और उचित इलाज शुरू हो जाए, तो गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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