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Health Tips: क्या है टहलने का सही समय? रोजाना सिर्फ आधे घंटे वॉक करने से छूमंतर होती हैं ये बीमारियां

Tue, 21 Oct 2025 06:50 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रोज टहलने से हमारे शरीर में कई सकारात्मक परिवर्तन होते हैं। इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि किस समय टहलना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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दौड़ना - फोटो : Adobe Stock
Benefits of Walking for Just Half an Hour Daily: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग समय के आभाव में वर्कआउट नहीं कर पाते हैं। ऐसे में रोज टहलना एक बेहद सरल और पभावी कसरत है, जिसे सभी लोग आसानी अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि रोजाना सिर्फ आधे घंटे टहलने से हमारे शरीर में कई सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। रोजाना नियमित रुप से टहलने से न सिर्फ वजन नियंत्रित रहता है, बल्कि हमारी शरीर की इम्यूनिटी भी मजबूत होती है, जिससे कई बीमारियों से हम बचे रहते हैं।

वॉक करने से न केवल शारीरिक गतिविधियां बढ़ती हैं, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। यह आपकी मांसपेशियों को मजबूत करती है, ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती है और आपके मूड को बेहतर बनाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको किसी विशेष उपकरण या जगह की जरूरत नहीं है, आप इसे कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। 

अब बहुत से लोगों के मन में ये बड़ा सवाल होता है कि टहलने का सबसे सही समय क्या है? कुछ लोग अपनी सुविधा के अनुसार सुबह में टहलते हैं तो कुछ लोग शाम में। आइए इस लेख में जानते हैं कि टहलने का सबसे सही समय क्या है और साथ ही ये भी जानेंगे कि रोजाना सिर्फ आधे घंटे टहलने से कौन सी गंभीर बीमारियां छूमंतर हो सकती हैं।
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दौड़ना - फोटो : Adobe Stock
टहलने का सही समय क्या है?
टहलने का सबसे सही समय वह है जो आप नियमित रूप से कर सकें। हालांकि, स्वास्थ्य लाभ के लिए कुछ समय बेहतर माने जाते हैं-

सुबह की वॉक के फायदे
यह मेटाबॉलिज्म को तेजी से शुरू करती है और विटामिन डी प्रदान करती है, जो हड्डियों के लिए जरूरी है। यह आपकी सर्कैडियन रिदम (आंतरिक घड़ी) को रखने में मदद करती है, जिससे रात में अच्छी नींद आती है।

शाम की वॉक (खासकर भोजन के बाद)
खाने के बाद टहलना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए। इसके अलावा ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी समय किया वॉक बिल्कुन न करने से कहीं ज्यादा बेहतर है।

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हार्ट - फोटो : Adobe Stock Images
हृदय रोग और उच्च रक्तचाप
रोजाना 30 मिनट की तेज वॉक आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए वरदान से कम नहीं है। यह हृदय की पंपिंग क्षमता को बेहतर बनाती है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। नियमित वॉक करने से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है, जिससे धमनियों में प्लाक जमने का खतरा घटता है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है।

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डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज और वजन प्रबंधन
टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए टहलना एक शक्तिशाली दवा है। खाने के बाद टहलने से शरीर में ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा के रूप में तेजी से करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही रोज टहलना कैलोरी बर्न करने में सहायक है, जो वजन प्रबंधन में मदद करती है। वजन कम होने से इंसुलिन संवेदनशीलता सुधरती है।

 
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हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
हड्डियों, जोड़ों और तनाव पर असर
वॉक हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मदद करती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है। यह जोड़ों को लचीला बनाए रखती है, गठिया के दर्द को कम करती है। मानसिक स्वास्थ्य की बात करें, तो वॉक से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जो तनाव, चिंता और अवसाद को दूर भगाता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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