What Is PMS: पीएमएस क्या है और ये कब होता है, इस बारे में बहुत सी महिलाओं को भी जानकारी नहीं होती। जबकि अगर आपके घर में महिला है, जिसे पीरियड आते हैं, तो पुरुषों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए। आइए इसके बारे में आपको बताते हैं।
What Is PMS: वैसे तो पीरियड्स महिलाओं की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा हैं, लेकिन आज भी इससे जुड़े कई पहलुओं के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं है। खासतौर पर पीरियड्स से पहले होने वाले बदलावों को कई बार सामान्य मूड या व्यवहार में बदलाव समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
यही वजह है कि PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम को समझना जरूरी है। सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी PMS के बारे में जानकारी होनी चाहिए। आखिर PMS क्या होता है, यह कब होता है और इसका महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या असर पड़ सकता है?
घर में अगर किसी महिला को पीरियड्स आते हैं, तो पुरुषों के लिए भी इस विषय को समझना जरूरी है, ताकि वे पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को बेहतर तरीके से समझ सकें और जरूरत के समय सही सपोर्ट दे सकें। आइए जानते हैं PMS से जुड़ी जरूरी बातें।
विज्ञापन
2 of 7
PMS क्या है?
- फोटो : AI
PMS क्या है?
PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम पीरियड्स से पहले होने वाले शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों का समूह है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और उनकी तीव्रता भी हर महीने एक जैसी नहीं होती।
विज्ञापन
3 of 7
PMS क्या है?
- फोटो : Freepik.com
PMS कब होता है?
PMS के लक्षण आमतौर पर पीरियड आने से पहले के दिनों या 1-2 हफ्तों में शुरू हो सकते हैं। पीरियड शुरू होने के बाद ये लक्षण कम होने लगते हैं। अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें और उनका पीरियड से कोई स्पष्ट संबंध न हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
4 of 7
PMS क्या है?
- फोटो : Freepik.com
PMS के सामान्य लक्षण क्या हैं?
PMS में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन
उदासी, बेचैनी या ज्यादा भावुक महसूस करना
थकान और नींद में बदलाव
पेट फूलना या क्रैम्प्स
स्तनों में दर्द या संवेदनशीलता
सिरदर्द
खाने की इच्छा या भूख में बदलाव
त्वचा पर पिंपल्स
ध्यान लगाने में परेशानी
हर महिला में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।
विज्ञापन
5 of 7
PMS क्या है?
- फोटो : AI
पुरुषों को PMS के बारे में क्यों जानना चाहिए?
PMS पुरुषों को नहीं होता, क्योंकि यह मासिक धर्म चक्र से जुड़ी स्थिति है। लेकिन पुरुषों के लिए इसके बारे में जानकारी होना महत्वपूर्ण है। अगर पार्टनर, मां, बहन या बेटी PMS के कारण दर्द, थकान या मूड में बदलाव महसूस कर रही है, तो उसकी परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समझना और सहयोग करना बेहतर है।
छोटी-छोटी चीजें जैसे आराम का समय देना, घर के काम में मदद करना, जरूरत के समय साथ रहना और उसकी परेशानी को “ओवररिएक्शन” न कहना सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
विज्ञापन
6 of 7
PMS क्या है?
- फोटो : Freepik.com
PMS क्यों होता है?
PMS का सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। माना जाता है कि मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोन के स्तर में होने वाले बदलाव कुछ लोगों में इन लक्षणों से जुड़े हो सकते हैं। हर व्यक्ति इन हार्मोनल बदलावों के प्रति एक जैसा प्रतिक्रिया नहीं करता।
नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, संतुलित डाइट और तनाव कम करने की कोशिश कुछ लोगों में PMS के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। योग या मेडिटेशन जैसे रिलैक्सेशन तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लक्षणों की डायरी कम से कम दो मासिक चक्रों तक रखने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि लक्षण कब शुरू होते हैं और कितने समय तक रहते हैं।
----------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।