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Monsoon Blues: मानसून के दिनों में क्या आप भी हो जाते हैं 'लो और उदास'? कहीं ये मानसून ब्लूज की दिक्कत तो नहीं

Wed, 12 Jul 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसून में उदासी की समस्या - फोटो : iStock
मानसून का समय गर्मियों से राहत दिलाने वाला होता है। ज्यादातर लोग बरसात के दिनों का भरपूर आनंद लेते हैं, पर कुछ लोगों के लिए ये सीजन उदासी-लो फील कराने वाला भी हो सकता है। क्या आप भी ऐसे ही लोगों में से हैं जो मानसून में अधिक सुस्ती और उदासी महसूस करते रहते हैं? इस स्थिति को मानसून ब्लूज के नाम से जाना जाता है। क्या यह कोई मानसिक स्वास्थ्य विकार है या फिर कुछ और, आइए इसे समझते हैं।

वैसे तो मानसून ब्लूज को क्लीनिकल डिसऑर्डर के रूप में मान्यता नहीं दी गई है, यानी यह कोई प्रमाणित रोग नहीं है। लेकिन इसे सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर की समस्या के तौर पर देखा जा सकता है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डिप्रेशन या स्ट्रेस के शिकार लोगों में यह बहुत ही सामान्य पैटर्न है, जो मौसम के साथ मूड में बदलाव का कारण बन सकता है।
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मानसून ब्लूज की समस्या - फोटो : istock
मानसून के दिनों में क्यों होती है उदासी?

मानसून ब्लूज चूंकि कोई क्लीनिकल डिसऑर्डर नहीं है इसलिए इस समस्या के कारण क्या हैं, यह स्पष्ट नहीं हैं। कुछ सिद्धांत मानते है कि मानसून में चूंकि सूर्य के प्रकाश कम हो जाता है और सर्केडियन रिदम की समस्या के कारण ये दिक्कत ट्रिगर हो सकती है। 

बरसात में कई दिनों तक धूप नहीं दिखती इसके कारण भी आपकी उदासी बढ़ सकती है। असल में जब हमारी आंखें सूर्य के प्रकाश को देखती हैं, तो यह मस्तिष्क को संदेश भेजती है जो नींद, भूख, तापमान, मनोदशा और गतिविधि को नियंत्रित करता है। बरसात में यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिसके कारण आप अधिक उदासी का अनुभव कर सकते हैं।

आपका सोने-जागने के चक्र या शरीर की आंतरिक घड़ी को सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह हमारी नींद, मनोदशा और भूख को नियंत्रित करने में सहायता करती है। इसमें होने वाली समस्याओं के कारण भी आप लो फील करते रह सकते हैं। 
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मानसून ब्लूज के लक्षणों को जानिए - फोटो : Pixabay
कैसे करें मानसून ब्लूज के लक्षणों की पहचान

मानसून ब्लूज के सबसे आम लक्षणों में अधिक उदास महसूस करना, थकान, सुस्ती, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत और भूख कम लगने की समस्या शामिल है। जरूरी नहीं है कि सभी लोगों को मानसून ब्लूज की दिक्कत हो ही। इसकी समस्या पहले से ही स्ट्रेस-एंग्जाइटी या डिप्रेशन के शिकार लोगों में देखी जाती है, क्योंकि मानसून की कुछ परिस्थितियों उनकी समस्या को ट्रिगर कर सकती है।
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मेडिटेशन से मानसिक स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Istock
उदासी महसूस हो तो क्या करें?

विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसी दिनचर्या के पालन की सलाह देते हैं जिसमें आप आपके पसंद की चीजें अधिक करते हैं। ये आपको खुश रखने में सहायक हो सकती है। चूंकि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं इसलिए मानसून ब्लूज के लक्षणों को कंट्रोल करना बहुत आवश्यक है।
  • शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं, योग या ध्यान का अभ्यास करें।
  • संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • अपने मूड को बेहतर बनाने के लिए मनपसंद की चीजें करें।
  • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
  • यदि फिर भी आपको समस्या में लाभ नहीं मिल रहा है तो समय रहते विशेषज्ञ की मदद जरूर लें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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