स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में होने वाली समस्याओं का अगर समय रहते पता चल जाए और उसका इलाज हो जाए तो गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई बीमारियों के लक्षण दिखने में तो काफी सामान्य से होते हैं, पर अगर समय रहते उनकी पहचान और इलाज न हो तो इससे बड़े खतरे हो सकते हैं।
त्वचा पर लाल चकत्ते, बार-बार थकान और जोड़ों में दर्द जैसी दिक्कतें तो काफी आम लग सकती हैं। आमतौर पर लोग इन्हें सामान्य एलर्जी या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि कई बार ये संकेत शरीर में छिपी एक गंभीर समस्या जैसे ल्यूपस जैसी बीमारियों के लक्षण भी हो सकते हैं।
ल्यूपस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही स्वस्थ अंगों और ऊतकों पर अटैक कर देती है। इससे जोड़ों, त्वचा, किडनी और अन्य अंगों में सूजन आ जाती है। सबसे चिंता की बात ये है कि इसका कोई इलाज नहीं है, दवाओं से सिर्फ इस बीमारी के लक्षणों को ही कंट्रोल किया जा सकता है।