H3N2 का बढ़ता खतरा
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क्या कहते हैं डॉक्टर?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में क्रिटिकल केयर मेडिसिन के प्रमुख और चिकित्सा निदेशक डॉ. अमित भार्गव कहते हैं, हर साल फ्लू के मामलों में दो बार बढ़ोतरी देखी जाती है-एक मानसून के दौरान और दूसरी सर्दियों में। इसके लक्षणों में बदन दर्द, खांसी और बुखार की गंभीरता बढ़ जाती है। H3N2 भी फ्लू का ही रूप है जो श्वसन रोग का कारण बनता है जिसमें खांसी, बुखार के साथ शरीर में दर्द की समस्या देखी जा ही हैं। संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्क और दूषित सतहों को छूने से ये फैल सकता है।
डॉक्टर बताते हैं, बच्चे-बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से ही अस्थमा, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं जैसी क्रॉनिक बीमारियों से ग्रस्त लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। संक्रमण से ब्रोंकाइटिस, निमोनिया जैसी गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं और मौजूदा हृदय या फेफड़ों की स्थिति और बिगड़ सकती है।
अस्पतालों की रिपोर्ट है कि कई लोगों में लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या वे इतने बीमार हो जाते हैं कि उन्हें भर्ती कराना पड़ता है।