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Forest Bathing: 'फॉरेस्ट बाथिंग' क्या है? जानें प्रकृति में समय बिताने से कैसे मिलता है सुकून

Wed, 18 Jun 2025 08:07 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फॉरेस्ट बाथिंग एक ऐसा टर्म है जिसका नाम सुनकर अक्सर लोगों को लगता है कि जंगल में जाकर स्नान करना है, लेकिन असल में इसका अर्थ इससे बिल्कुल अलग है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही इसके फायदे के बारे में भी जानेंगे।
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फॉरेस्ट बाथिंग - फोटो : Adobe Stock
What is forest bathing? :  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और थकान आम समस्याएं बन गई हैं। इनसे राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी प्रकृति की शरण में जाकर सुकून पाने की कोशिश की है? 'फॉरेस्ट बाथिंग' जो जापान से शुरू हुई एक प्राचीन प्रथा है, प्रकृति के बीच समय बिताकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अनोखा तरीका है। आइए इस लेख में जानते हैं कि फॉरेस्ट बाथिंग क्या है और साथ ही इसके चार फायदे भी जानेंगे।

फॉरेस्ट बाथिंग क्या है?
फॉरेस्ट बाथिंग का मतलब जंगल में स्नान करना नहीं, बल्कि जंगल या हरे-भरे प्राकृतिक वातावरण में अपने सभी इंद्रियों के साथ समय बिताना है। इसमें पेड़-पौधों को देखना, हवा की ताजगी को महसूस करना, पत्तियों की सरसराहट सुनना, और मिट्टी की खुशबू लेना शामिल है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें आप मोबाइल और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहकर प्रकृति के साथ समय बिताते हैं। 
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फॉरेस्ट बाथिंग - फोटो : Adobe Stock
तनाव और चिंता में कमी
फॉरेस्ट बाथिंग तनाव वाले हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को कम करती है। जंगल की शांति और हरियाली दिमाग को शांत करती है, जिससे चिंता और अवसाद के लक्षणों में राहत मिलती है।

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फॉरेस्ट बाथिंग - फोटो : Adobe Stock
रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार
पेड़-पौधे फाइटोन्साइड्स नामक रसायन छोड़ते हैं, जो हवा में फैलकर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। फॉरेस्ट बाथिंग के दौरान इन रसायनों को सांस के जरिए ग्रहण करने से शरीर में नेचुरल किलर सेल्स बढ़ते हैं, जो गंभीर बीमारियों और वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।

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फॉरेस्ट बाथिंग - फोटो : Adobe Stock
मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता
प्रकृति में समय बिताने से दिमाग तरोताजा होता है, जिससे एकाग्रता और रचनात्मकता बढ़ती है। फॉरेस्ट बाथिंग डिजिटल स्क्रीन के कारण होने वाली मानसिक थकान को कम करती है। इससे आपका फोकस बढ़ता है और प्रोडक्टिवीटी अच्छी होती है।

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फॉरेस्ट बाथिंग - फोटो : Adobe Stock
कैसे शुरू करें?
फॉरेस्ट बाथिंग के लिए किसी खास प्रशिक्षण की जरूरत नहीं है। नजदीकी पार्क, जंगल, या हरे-भरे क्षेत्र में जाएं। फोन को साइलेंट करें, संभव हो तो फोन घर पर ही छोड़कर जाएं और धीरे-धीरे टहलें। गहरी सांस लें, प्रकृति को महसूस करें, और बिना जल्दबाजी के समय बिताएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


 
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