खून कूी जांच जरूरी
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किन लोगों के लिए ये टेस्ट जरूरी?
अगर आपका सीआरपी लेवल ज्यादा है, तो हर बार इसका मतलब यह नहीं है कि आपको कोई बीमारी ही है जिसके लिए इलाज की जरूरत है, खासकर अगर यह थोड़ा बढ़ा हुआ हो। हालांकि अगर ये लगातार बढ़ा रहता है तो डॉक्टर इसके कारणों को समझने की कोशिश करते हैं। स्वस्थ व्यक्ति को साल में 1 बार, हृदय रोग या कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को हर 6 महीने, ऑटोइम्यून रोग के मरीजों को हर 1-3 महीने में ये टेस्ट कराना चाहिए। अपनी स्थिति के आधार पर टेस्ट के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
खून की जांच से सीआरपी लेवल का अंदाजा हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
- बार-बार बुखार, थकान या शरीर में दर्द की शिकायत रहती हो तो डॉक्टर ये टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
- हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में भी टेस्ट कराया जाता है।
- ऑटोइम्यून बीमारियों के मरीजों को ये टेस्ट कराना चाहिए।
- सर्जरी, बड़ी चोट या गंभीर संक्रमण के बाद ये टेस्ट कराया जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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