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Cholesterol: ये चार आदतें बैड कोलेस्ट्रॉल की कर देंगी छुट्टी, हृदय की बीमारियां भी रहेंगी दूर

Tue, 17 Sep 2024 09:19 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : freepik.com
हृदय रोगों का खतरा सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। कुछ दशकों पहले तक हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था हालांकि अब कम आयु के, यहां तक कि 30 से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। जिन कारकों को इस समस्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है उनमें ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर प्रमुख है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई कोलेस्ट्रॉल संपूर्ण शरीर के लिए खतरनाक है, इसे नियंत्रित रखने के लिए कम उम्र से ही प्रयास करते रहना जरूरी है।

कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा वसा होता है जो आपके शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। शरीर को हार्मोन्स, विटामिन डी और खाद्य पदार्थों को पचाने में मदद करने वाले पदार्थ बनाने के लिए कुछ प्रकार के कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। हालांकि अगर शरीर में इसकी अधिकता हो जाए तो इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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बैड कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत - फोटो : istock
कोलेस्ट्रॉल और इसके जोखिम कारक

कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है- गुड और बैड। रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होने से हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से वसायुक्त भोजन खाने, पर्याप्त व्यायाम न करने, अधिक वजन होने, धूम्रपान करने और शराब पीने के कारण होता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।

आइए जानते हैं कि किन आदतों को अपनाकर बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम किया जा सकता है?
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अस्वास्थ्यकर आहार के नुकसान - फोटो : istock
आहार में करें बदलाव

आहार में कुछ प्रकार के बदलाव कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार हो सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप भोजन से सैचुरेटेड फैट (संतृप्त वसा) वाली चीजों को कम करें। संतृप्त वसा, जो मुख्य रूप से रेड मीट और फुल फैट वाले डेयरी उत्पादों में पाए जाते हैं, ये कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थों में फैटी फिश, अखरोट और अलसी के बीज शामिल हैं।

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फाइबर वाली चीजों के लाभ - फोटो : istock
बढ़ाएं फाइबर की मात्रा

अपने आहार में घुलनशील फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। घुलनशील फाइबर आपके रक्तप्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मददगार हो सकता है। घुलनशील फाइबर ओटमील, राजमा, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, सेब और नाशपाती जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

इसी तरह से प्रोटीन वाली चीजों को भी आहार का हिस्सा बनाना हृदय को स्वस्थ रखने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है।
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नियमित व्यायाम जरूरी - फोटो : istock
जरूर करें नियमित व्यायाम

व्यायाम और अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाना भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल रखने का प्रभावी तरीका हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि व्यायाम की मदद से कोलेस्ट्रॉल में सुधार किया जा सकता है। मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकती है। डॉक्टर की सलाह से  रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें।
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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : istock
धूम्रपान से बना लें दूरी

धूम्रपान को हृदय रोग और हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है। इस आदत से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। शोध से पता चलता है कि धूम्रपान छोड़ने के कुछ दिनों में ही आपका रक्तचाप और हृदय गति सामान्य होने लगती है। तीन महीने के भीतर, आपका रक्त परिसंचरण और फेफड़ों की कार्यक्षमता में भी सुधार होने लगता है।

धूम्रपान की ही तरह से शराब से भी दूरी बनाकर रखना कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकने में सहायक हो सकता है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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