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Mind's Eye: 50 में से एक को हो सकती है 'ब्रेन ब्लाइंड', वैज्ञानिकों के लिए भी ये समस्या 'मिस्ट्री' से कम नहीं

Mon, 19 Jun 2023 12:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्रेन ब्लाइंडनेस की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
आपने आंखों के अंधेपन के बारे में सुना और देखा होगा। समय के साथ आंखों में होने वाले किसी प्रकार के रोग या फिर कई अन्य कारणों से अंधेपन का जोखिम हो सकता है। पर क्या आप ब्रेन ब्लाइंडनेस या माइंड ब्लाइंडनेस के बारे में जानते हैं? यह एक ऐसी समस्या है जिसमें हमारा मस्तिष्क कोई तस्वीर ही नहीं बना पता है। लिहाजा भले ही आप आंखों से चीजों को देख रहे होते हैं पर असल में उसे समझ पाना कठिन हो जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, किसी भी चीज को देखने के लिए सिर्फ आंखें ही पर्याप्त नहीं हैं, इसके लिए आपके दिमाग की आंखों का भी ठीक तरीके से काम करते रहना आवश्यक हो जाता है। जब हम कोई भी चीज देखते हैं तो आंखें दिमाग को उसे समझने के लिए तुरंत सिग्नल भेजती हैं। माइंड ब्लाइंडनेस की स्थिति में हमारे दिमाग में तस्वीर बन ही नहीं पाती है। इसे मेडिकल की भाषा में एफेन्टासिया के नाम से भी जाना जाता है।

आइए इस समस्या के बारे में समझते हैं।
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विज़ुअल कॉर्टेक्स की समस्या - फोटो : istock
एफेन्टासिया की समस्या

स्वास्थ्य समीक्षकों ने एक रिपोर्ट में बताया कि दुनियाभर में 50 में से एक व्यक्ति को ये समस्या हो सकती है। यह तब होता है जब आपके मस्तिष्क का विज़ुअल कॉर्टेक्स ठीक से काम नहीं करता है। विज़ुअल कॉर्टेक्स, मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो आंखों से देखी गई चीजों को संसाधित करता है। अक्सर यह समस्या जन्मजात हो सकती है, कुछ लोगों में मस्तिष्क की चोट या मस्तिष्क में किसी अन्य समस्या के कारण भी इसका जोखिम रहता है। 

वैज्ञानिक कहते हैं, विजुअल इमेजनरी, जिसमें आपका मस्तिष्क, सिर के अंदर चित्र बनाता है, यह किसी भी चीज को याद रखने और अगली बार उसे देखकर पहचानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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मस्तिष्क में तस्वीरों के न बनने की समस्या - फोटो : iStock
मस्तिष्क को तस्वीरों बनने में होती है कठिनाई

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एफेन्टासिया की यह समस्या आजीवन बनी रह सकती है। किशोरावस्था में इसे आसानी से नोटिस किया जा सकता है। 

एक अध्ययन में देखा गया कि जिन लोगों को एफेन्टासिया की समस्या थी उन्होंने मस्तिष्क में बनने वाली छवियों के बहुत स्पष्ट न होने की समस्या के बारे में बताया। वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसे लोगों को रोजमर्रा की चीजें याद रखने में परेशानी हो सकती है-  जैसे किसी इमारत में खिड़कियों की संख्या, किसी व्यक्ति को पहले देखा हो पर अगली बार मिलने पर उसे पहचान न पाना आदि। 

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चीजों को याद करने में हो सकती है दिक्कत - फोटो : istock
यादों को बनाए रखना हो सकता है कठिन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब हम यादों की बात करते हैं, तो उसमें मस्तिष्क के इस हिस्से की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, यही हमारे दिमाग में पुरानी चीजों की छवियों को बनाने में मदद करती है। यह एक समस्या आपके जीवन को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
  • जीवन की घटनाओं को याद रखने या पुनः जीने में कठिनाई होना। 
  • भविष्य या काल्पनिक घटनाओं की कल्पना करने में कठिनाई।
  • सपने कम देखना आदि।
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एफेन्टासिया के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
एफेन्टासिया अभी वैज्ञानिकों के लिए भी 'मिस्ट्री'

शोधकर्ता ने बताया- हम यह समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं कि यह अलग-अलग लोगों को कैसे प्रभावित करती है? हम अभी इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं कि कौन से आनुवंशिक और विकासात्मक कारक एफेन्टासिया का कारण बन सकते हैं या यह उन लोगों के सोचने के तरीके को कैसे प्रभावित कर सकता है जो जन्म से ही इसके शिकार हैं, ये स्थिति अभी बहुत रहस्यों वाली है जिससे समझने के लिए लगातार शोध जारी हैं।

चूंकि इस समस्या को अभी तक सही तरीके से समझा नहीं जा सका है इसलिए इसका इलाज भी नहीं है। अध्ययनों में हम प्रयास कर रहे हैं ताकि समस्या के लिए उचित उपचार की व्यवस्था की जा सके।

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स्रोत और संदर्भ
When the Mind’s Eye Is Blind

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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