लो सोडियम में लें डॉक्टरी सलाह
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लो सोडियम की समस्या से कैसे बचें?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मूत्रवर्धक दवाएं लेने वाले, बार-बार उल्टी या दस्त से पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी और पहले से किडनी, लिवर या हार्ट फेलियर से जूझ रहे लोगों में लो सोडियम का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। कुछ लोगों में एसआईएडीएच नाम की स्थिति होती है, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पानी रोककर रखता है और सोडियम का स्तर प्रभावित हो सकता है।
- सोडियम लो होने पर मरीज को नींबू पानी में नमक डालकर देने से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है।
- गंभीर स्थितियों में मरीजों के सोडियम लेवल को कंट्रोल करने के लिए नस के जरिए फ्ल्यूड दिया जाता है।
- सोडियम को बहुत तेजी से बढ़ाना भी खतरनाक हो सकता है और दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए खुद से नमक की गोलियां या ज्यादा नमक लेने से बचना चाहिए।
- यदि भ्रम, दौरे, बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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