अस्थमा की समस्या के बारे में जानिए
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- अस्थमा अटैक का बढ़ जाता है खतरा
हीटर के ठीक सामने बहुत देर तक बैठने या सोने से सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गर्म और सूखी हवा सांस की नलियों को शुष्क कर देती है, जिससे गले में खराश, खांसी और सांस लेने में जलन महसूस होती है। शुष्क हवा अस्थमा, एलर्जी या ब्रोंकाइटिस के मरीजों की समस्याओं को भी ट्रिगर करने वाली हो सकती है। यही कारण है कि सांस के मरीजों को हीटर के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए।
हीटर की गर्म हवा आंखों की नमी को भी तेजी से कम कर देती है। सीधे हीटर के सामने रहने से आंखों की सतह पर मौजूद टियर फिल्म जल्दी सूख जाती है, जिससे आंखों में जलन, चुभन और दर्द महसूस होता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को हीटर के सीधे संपर्क में रहने से ज्यादा परेशानी होती है। आंखों में लगातार सूखापन से संक्रमण और कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।