Chipkali Ke Katne Par Kya Karein: गर्मी के मौसम में छिपकली हर जगह घूमती रहती है। ऐसे में लोगों के मन में काफी डर होता है। अगर आपको या आपके घर में किसी को छिपकली ने काट लिया है तो ये खबर पढ़ लें। यहां हम आपको बताएंगे ऐसे समय में क्या करना चाहिए।
Chipkali Ke Katne Par Kya Karein: गर्मी के मौसम में घरों, किचन और दीवारों पर छिपकली का दिखना बहुत आम बात है। ज्यादातर लोग इसे देखकर डर जाते हैं, लेकिन कभी-कभी स्थिति तब गंभीर लगती है जब छिपकली किसी व्यक्ति को काट लेती है।
हालांकि छिपकली का काटना बहुत दुर्लभ होता है और आमतौर पर यह खतरनाक नहीं माना जाता, फिर भी इससे घबराहट और संक्रमण का डर बना रहता है। ऐसे समय में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि लोग बिना घबराए सही कदम उठा सकें। कई बार लोग डर के कारण गलत उपाय कर लेते हैं, जिससे समस्या बढ़ सकती है।
अगर किसी को छिपकली काट ले तो सबसे पहले क्या करना चाहिए, कौन-सी सावधानियां जरूरी हैं और कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए.......यह सब जानना बेहद महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि छिपकली के काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
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छिपकली के काटने पर क्या करें?
- फोटो : AI
घाव को तुरंत धोएं
अगर छिपकली काट ले तो सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साफ और बहते पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है।
साबुन का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया और गंदगी हट जाती है, जिससे इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।
घाव को कम से कम 3–5 मिनट तक अच्छी तरह साफ करें ताकि कोई भी हानिकारक जीवाणु रह न जाए।
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छिपकली के काटने पर क्या करें?
- फोटो : AI
एंटीसेप्टिक लगाएं
घाव को धोने के बाद एंटीसेप्टिक जैसे डेटॉल, सेवलॉन या किसी मेडिकल क्रीम का उपयोग करें।
यह त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।
अगर एंटीसेप्टिक क्रीम न हो तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
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छिपकली के काटने पर क्या करें?
- फोटो : AI
खून आने पर दबाव दें
यदि काटे गए स्थान से खून निकल रहा हो तो साफ और सूखे कपड़े से हल्का दबाव डालें, इससे ब्लीडिंग रुकने में मदद मिलती है।
ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से दबाव न डालें, वरना दर्द बढ़ सकता है या त्वचा को नुकसान हो सकता है।
अगर कुछ घंटों या एक-दो दिनों में घाव पर सूजन, लालिमा, दर्द या पस जैसी समस्या दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। अगर घाव गहरा है या गंदगी के संपर्क में आया है तो टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी हो सकता है। यह संक्रमण से बचाव के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और डॉक्टर इसकी सलाह स्थिति देखकर देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।