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Health Tips: लिवर और किडनी दोनों को चुपचाप नुकसान पहुंचा रही हैं आपकी ये गलतियां, हो जाएं सावधान

Mon, 20 Jul 2026 09:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके लिवर और किडनी दोनों अंगों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। आइए इसका तरीका जान लेते हैं। 
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लिवर-किडनी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखना है तो लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार सबसे जरूरी है। हालांकि इन दोनों में बढ़ती गड़बड़ियों ने क्रॉनिक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ा दिया है। किडनी और लिवर दोनों पर इसका असर देखा जा रहा है।

किडनी और लिवर दो ऐसे अंग हैं जो बिना रुके दिन-रात काम करते हैं। किडनी खून को फिल्टर करके शरीर से विषैले पदार्थ और अतिरिक्त पानी बाहर निकालती है, जबकि लिवर भोजन को ऊर्जा में बदलने, मेटाबॉलिज्म,पोषक तत्वों के भंडारण और शरीर से हानिकारक पदार्थों को निष्क्रिय करने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। इन दोनों अंगों के बिना शरीर का सामान्य रूप से काम करना संभव नहीं है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और शराब-धूम्रपान जैसी आदतें किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियों का बड़ा कारण हैं। आइए जानते हैं कि इन अंगों की सेहत ठीक रखने के लिए कौन से उपाय कर सकते हैं?
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किडनी की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
लिवर-किडनी की बीमारी

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि शुरुआती चरण में इन दोनों बीमारियों के अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। जब तक समस्या का पता चलता है, तब तक अंगों को काफी नुकसान हो चुका होता है।
 
  • विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते अगर जीवनशैली में बदलाव कर लिया जाए तो इन दोनों अंगों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
  • संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, खूब पानी पीते रहना, ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल रखना कम उम्र से बेहद महत्वपूर्ण है।
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लिवर की बढ़ती बीमारियों का खतरा - फोटो : Adobe Stock
डॉक्टर कहते हैं, यदि लगातार थकान रहती है, पैरों में सूजन, पेशाब के रंग में बदलाव है, बार-बार पीलिया हो रहा है या पेट में सूजन जैसी समस्याएं रहती हैं तो इन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी आदतें दोनों अंगों के लिए समस्याएं बढ़ाती जा रही हैं?  


पेनकिलर का जरूरत से ज्यादा सेवन
 
  • एनएसएआईडी जैसी दर्द निवारक दवाओं का बार-बार या लंबे समय तक सेवन किडनी की सेहत को प्रभावित कर सकता है। कुछ दवाएं लिवर पर भी अतिरिक्त दबाव डालती हैं। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह लंबे समय तक दवाएं नहीं लेनी चाहिए।

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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
 शराब और धूम्रपान हानिकारक
  • अत्यधिक शराब लिवर में फैट जमा होने, हेपेटाइटिस और सिरोसिस का खतरा बढ़ाती है। वहीं धूम्रपान किडनी की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है और क्रॉनिक किडनी डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है।

ज्यादा नमक-चीनी खाना
 
  • ज्यादा नमक खाना हाई बीपी और किडनी पर दबाव बढ़ाता है। वहीं ज्यादा चीनी और मीठे पेय मोटापा व फैटी लिवर का जोखिम बढ़ाते हैं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड दोनों अंगों के लिए लंबे समय में नुकसानदायक हो सकते हैं। इसी तरह शरीर में पानी की कमी से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और पथरी का जोखिम बढ़ सकता है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज और हाई बीपी कंट्रोल न रहना
 
  • डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर, किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं हैं। फैटी लिवर के जोखिम को भी ये स्थितियां बढ़ा सकती हैं। नियमित जांच और दवाओं से खतरे को कम किया जा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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