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जानना जरूरी: डिप्रेशन जैसे ही होते हैं इन बीमारियों के भी लक्षण, कहीं आप भी न हो जाएं कंफ्यूज?

Sat, 01 Jul 2023 07:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डिप्रेशन जैसे अन्य बीमारियों के लक्षण - फोटो : iStock
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सभी उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। कम उम्र में ही लोग स्ट्रेस-एंग्जाइटी के शिकार हो रहे हैं, इन समस्याओं पर अगर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर स्थितियों में इससे डिप्रेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि डिप्रेशन के सिर्फ मानसिक दुष्प्रभाव ही नहीं हैं, ये कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं के खतरे को भी बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। इस तरह की स्थितियों से बचाव के लिए ध्यान देना बहुत आवश्यक हो जाता है।

डिप्रेशन की स्थिति में आप उदासी महसूस कर सकते हैं और उन कार्यों में रुचि खो सकते हैं जिनका आप आमतौर पर आनंद लेते थे। इसके अलावा यह समस्या कई और लक्षणों जैसे भूख में कमी, बहुत अधिक थकान, उदासी, ऊर्जा में कमी, सोने में परेशानी, सोचने-ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में परेशानी का भी कारण बन सकती है।

पर क्या आप जानते हैं आपके शरीर की कुछ स्थितियां डिप्रेशन जैसी लग सकती हैं पर असल में वो डिप्रेशन होती नहीं हैं। इसका सही निदान बहुत आवश्यक हो जाता है।
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थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : iStock
क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफएस) की स्थिति

फटीग यानी थकान होना, डिप्रेशन का एक सामान्य लक्षण है, पर हर बार थकान होना डिप्रेशन का ही लक्षण नहीं है। यह क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफएस) के कारण भी ये दिक्कत हो सकती है, इसमें भी आप उन कामों को करने की मन न लगने की समस्या का अनुभव कर सकते हैं जिसे आप पसंद किया करते थे।

सीएफएस की स्थिति याददाश्त, एकाग्रता और नींद की समस्याओं का भी कारण बन सकती है। 
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डायबिटीज की समस्या और उपचार - फोटो : istock
डायबिटीज में भी डिप्रेशन जैसे हो सकते हैं लक्षण

यह पूरी तरह से समझा नहीं गया है, लेकिन डिप्रेशन और मधुमेह के बीच एक संबंध हो सकता है। यह संभव है कि मधुमेह के रोगियों में अवसाद का जोखिम अधिक हो सकता है। इसके कई लक्षण आपको कंफ्यूज भी कर सकते हैं। कमजोरी, थकान और वजन कम होना दोनों बीमारियों के कॉमन लक्षण हैं। हालांकि यदि आपको डायबिटीज है यह अधिक प्यास लगने, धुंधली दृष्टि, हाथों या पैरों में सुन्नता, घावों का धीरे-धीरे ठीक होने, बार-बार पेशाब आने जैसी दिक्कतों का कारण बन सकती है, जोकि डिप्रेशन में नहीं होता है।

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हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
हाइपोथायरायडिज्म

अवसादग्रस्त लोगों में चिड़चिड़ापन, उदासी और थकान की समस्या देखी जाती है, ये लक्षण हाइपोथायरायडिज्म की समस्या में भी होते हैं, इसलिए दोनों में कंफ्यूज न हों। थायरॉयड ग्रंथि जब हार्मोन का उत्पादन कम कर देती है तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है जिसके कारण भी रोगियों में उदासी, चिंता और कमजोरी की दिक्कत देखी जाती रही है। इसलिए यदि आपको कुछ अन्य लक्षण जैसे त्वचा में सूखेपन, अनियमित मासिक धर्म या प्रजनन संबंधी समस्याएं और हृदय गति धीमी होने की भी दिक्कत हो रही है तो इसमें  थायरॉयड की जांच जरूर करानी चाहिए।
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नींद विकारों की समस्याएं - फोटो : istock
नींद न आने की समस्या

मन उदास रहने, काम करने की इच्छा न होने के साथ डिप्रेशन में नींद न आने की समस्या भी काफी कॉमन है। पर हर बार नींद न आना सिर्फ डिप्रेशन का ही संकेत नहीं है। डायबिटीज से लेकर पाचन, हृदय रोग और कई अन्य विकारों में भी ये दिक्कत होना सामान्य है। अगर आप लंबे समय से अनिद्रा से परेशान हैं तो इस बारे में किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलकर स्थिति की सही निदान जरूर करा लें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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