मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सभी उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। कम उम्र में ही लोग स्ट्रेस-एंग्जाइटी के शिकार हो रहे हैं, इन समस्याओं पर अगर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर स्थितियों में इससे डिप्रेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि डिप्रेशन के सिर्फ मानसिक दुष्प्रभाव ही नहीं हैं, ये कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं के खतरे को भी बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। इस तरह की स्थितियों से बचाव के लिए ध्यान देना बहुत आवश्यक हो जाता है।
डिप्रेशन की स्थिति में आप उदासी महसूस कर सकते हैं और उन कार्यों में रुचि खो सकते हैं जिनका आप आमतौर पर आनंद लेते थे। इसके अलावा यह समस्या कई और लक्षणों जैसे भूख में कमी, बहुत अधिक थकान, उदासी, ऊर्जा में कमी, सोने में परेशानी, सोचने-ध्यान केंद्रित करने या निर्णय लेने में परेशानी का भी कारण बन सकती है।
पर क्या आप जानते हैं आपके शरीर की कुछ स्थितियां डिप्रेशन जैसी लग सकती हैं पर असल में वो डिप्रेशन होती नहीं हैं। इसका सही निदान बहुत आवश्यक हो जाता है।