आंखों की दिक्कतों के बारे में जानिए
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ समीर सिन्हा बताते हैं, आई फ्लोटर्स तब होते हैं जब आंख के विट्रियस जेल के अंदर प्रोटीन या सेल्स के छोटे-छोटे गुच्छे बन जाते हैं और रेटिना पर परछाईं डालते हैं।
इसका सबसे आम कारण उम्र बढ़ना है। इसके अलावा पोस्टीरियर विट्रियस डिटेचमेंट, रेटिना के फटने, ब्लीडिंग या आंखों में सूजन की वजह से भी ये दिक्कत हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ ये दिक्कत हो रही है तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है, हालांकि कम उम्र में होने वाली इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या ये किसी खतरनाक समस्या का संकेत है?
डॉक्टर कहते हैं, आमतौर पर इसे खतरनाक नहीं माना जाता है। बहुत से लोगों में ये उम्र से जुड़े सामान्य बदलावों के कारण दिखाई देते हैं और किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। समय के साथ व्यक्ति इन धब्बों का आदी हो जाता है। लेकिन अचानक पहली बार बहुत सारे धब्बे दिखाई देना, उनकी संख्या तेजी से बढ़ना या उनके साथ चमकती रोशनी दिखाई दे रही हो तो ये चिंता का कारण हो सकता है। ऐसे में आंखों की तुरंत जांच जरूरी है।
अगर पहले कभी धब्बे नहीं दिखे और अचानक बड़ी संख्या में काले बिंदु या जाल जैसी आकृतियां दिखाई देने लगी हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।