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Heartburn: सीने में जलन होना हार्ट नहीं पेट की है दिक्कत, जानिए क्यों होती है येसमस्या और कैसे पाएं आराम

Mon, 24 Aug 2026 05:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हार्टबर्न का नाम भले ही हार्ट से जुड़ा हो, लेकिन यह आमतौर पर पेट के एसिड के ग्रासनली में वापस आने से होने वाली समस्या है। खाने के बाद या लेटने पर सीने में जलन, खट्टा स्वाद और एसिड का गले तक आना इसके संकेत हैं। हालांकि अचानक या अस्पष्ट सीने के दर्द को हार्टबर्न मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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सीने में जलन से परेशान - फोटो : Amarujala.com/AI
खान-पान में गड़बड़ी को पाचन स्वास्थ्य की समस्याओं का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है। ज्यादा तेल मसाले और जंक फूड्स खाने से पाचन की दिक्कतों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

क्या आपको भी खाने के बाद अचानक सीने में जलन, छाती में भारीपन महसूस होता या ऐसा लगता है जैसे अंदर से कुछ जल रहा है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये हार्ट बर्न की समस्या की ओर संकेत हो सकता है। ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले दिल की बीमारी का ख्याल आता है। नाम में ‘हार्ट’ शब्द होने के कारण कई लोग मान लेते हैं कि इसका सीधा संबंध हृदय से है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। सीने में होने वाली यह जलन दिल की नहीं, बल्कि पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या का संकेत होती है।

कहीं आप भी तो हार्ट बर्न का शिकार नहीं हैं?
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पाचन स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
सीने में जलन में शरीर के अंदर क्या होता है?

इस समस्या में पेट का अम्ल ऊपर की ओर भोजन की नली में पहुंच जाता है। भोजन की नली में यह अम्ल जलन पैदा करता है, जिसके कारण सीने के बीच या छाती की हड्डी के पीछे जलने जैसा एहसास हो सकता है। कई बार यह जलन गले तक पहुंच जाती है।

कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि भोजन या खट्टा तरल पदार्थ गले की ओर वापस आ रहा है। मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद भी महसूस हो सकता है। यही कारण है कि सीने में जलन को केवल दिल से जोड़ना सही नहीं है।
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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
सीने में जलन की समस्या और इसके जोखिम

हार्ट बर्न को समझने के लिए पहले पाचन की प्रक्रिय को समझना जरूरी है। 
 
  • खाना खाने के बाद पेट में भोजन को पचाने के लिए अम्ल बनता है। सामान्य स्थिति में यह अम्ल पेट के भीतर ही रहता है।
  • जब पेट और भोजन की नली के बीच मौजूद मांसपेशी ठीक तरह से बंद नहीं होती या गलत समय पर ढीली पड़ जाती है, तो पेट का अम्ल वापस भोजन की नली में ऊपर आ सकता है। 
  • भोजन की नली की अंदरूनी परत पेट की तरह तेज अम्ल को सहने के लिए तैयार नहीं होती। इसलिए वहां जलन और दर्द महसूस होने लगता है।
  • यही स्थिति आपको सीने में जलन, खट्टी डकार आने, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद होने और कभी-कभी गले में जलन का कारण की समस्या हो सकती है।
  • कभी-कभार सीने में जलन होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे केवल गैस या अपच समझकर टालना सही नहीं है। बार-बार होने वाली अम्ल वापसी भोजन की नली में सूजन और दूसरी जटिलताओं का कारण बन सकती है।

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पेट की समस्या और सीने में जलन - फोटो : Freepik.com
किन कारणों से बढ़ सकती है सीने की जलन?

कुछ खानपान और जीवनशैली की आदतें इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। बहुत ज्यादा खाना, तला-भुना , बहुत मसालेदार भोजन करने और भोजन के तुरंत बाद लेट जाने के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।
 
  • कुछ लोगों में चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय, खट्टे खाद्य पदार्थ और शराब भी समस्या बढ़ा सकते हैं। 
  • वजन ज्यादा होने, धूम्रपान और गर्भावस्था के दौरान भी पेट का अम्ल ऊपर आने की समस्या बढ़ सकती है।

भोजन करने के बाद शरीर को भोजन पचाने के लिए समय चाहिए। लेकिन अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाते हैं तो पेट की सामग्री और अम्ल के ऊपर की ओर आने की आशंका बढ़ सकती है।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
सीने की जलन से राहत पाने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको ये समस्या कभी-कभार होती है तो जीवनशैली में कुछ बदलाव मदद कर सकते हैं।
 
  • बहुत ज्यादा भोजन करने से बचें।
  • भोजन के तुरंत बाद न लेटें।
  • रात में सोने से कुछ घंटे पहले भोजन कर लें।
  • अधिक वजन होने पर चिकित्सकीय सलाह से वजन नियंत्रित करें।
  • धूम्रपान से बचें।
कभी-कभार होने वाली हल्की जलन के लिए कुछ सामान्य दवाएं राहत दे सकती हैं, लेकिन यदि बार-बार दवा लेने की जरूरत पड़ रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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