अमिताभ बच्चन, शहरूख खान, काजोल और ऋतिक रोशन की साल 2001 में आई फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' आप सभी को जरूर से याद होगी। इसे लोगों ने काफी पसंद किया था। ये दो भावनाएं हर इंसान के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। सफलता में आपको खुशी का अनुभव होता हैं वहीं निराशा और दुख में गम का।
कभी छोटी-सी बात पर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, तो कभी बिना किसी बड़े कारण के मन उदास हो जाता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन भावनाओं को जन्म कौन देता है? क्या यह सिर्फ हालात का असर है या हमारे दिमाग और सोच का खेल?
अध्ययनों से पता चलता है कि हमारी भावनाएं केवल घटनाओं से नहीं, बल्कि उन्हें देखने और समझने के तरीके से भी बनती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार खुशी और गम का सीधा संबंध दिमाग में बनने वाले हार्मोन से होता है। खुशी के समय डोपामिन, सेरोटोनिन और एंडॉर्फिन जैसे फील गुड हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जबकि तनाव या उदासी में इनका स्तर घट जाता है।
इस लेख में हम इन्हीं हार्मोन्स और इनके कामकाज को समझने की कोशिश करेंगे। ये जानेंगे कि कभी खुशी और कभी गम महसूस होने के पीछे की असली वजह क्या है?