फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fainting: आप भी बार-बार हो जाते हैं बेहोशी का शिकार? कहीं ये गंभीर बीमारी तो नहीं

Sun, 12 Jul 2026 06:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 बेहोशी तब होती है, जब कुछ समय के लिए मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अधिकांश मामलों में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में सामान्य हो जाता है, लेकिन अगर बेहोशी बार-बार हो रही है, बिना किसी स्पष्ट कारण के हो रही है।
विज्ञापन
1 of 5
बेहोशी का क्या कारण है? - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी अक्सर चलते-चलते अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, शरीर उड़ने जैसे लगता है? अक्सर लोग इसे कमजोरी, गर्मी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन बार-बार होने वाली बेहोशी को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। कई बार यह शरीर में बढ़ रही गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जब कुछ समय के लिए मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है तो इससे बेहोशी हो सकतीहै। ज्यादातर मामलों में आप कुछ ही मिनटों में सामान्य हो जाते हैं, लेकिन अगर बेहोशी बार-बार हो रही है और  इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलने, धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें भी हो रही हैं, तो इसे बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।

बार-बार बेहोशी हो रही है तो समय रहते इसकी जांच और इलाज जरूर करा लें।
विज्ञापन

2 of 5
थकान - फोटो : Freepik.com
बेहोशी की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बेहोशी होने के कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने, डिहाइड्रेशन या तनाव के कारण कुछ लोग बेहोशी का शिकार हो सकते हैं।डायबिटीज, एनीमिया, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और लो ब्लड प्रेशर के कारण भी ये दिक्कतें हो सकती हैं।

विशेषज्ञ कहते हैं, बेहोशी के कारणों का समय रहते पता लगाया जाए तो उनका इलाज संभव है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कब बेहोशी सामान्य प्रतिक्रिया है और कब यह मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है। यदि बार-बार बेहोशी हो रही है तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराना जरूरी है। 
विज्ञापन

3 of 5
बेहोशी की समस्या - फोटो : Freepik.com
आपका ब्लड प्रेशर अक्सर रहता है लो? 

बेहोशी का सबसे सामान्य कारण अचानक ब्लड प्रेशर लो हो जाना है। जब बीपी तेजी से कम होता है तो मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता और व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोश हो सकता है। लंबे समय तक खड़े रहना, बैठे रहने के बाद अचानक खड़े होना, शरीर में पानी की कमी या कुछ दवाएं लो बीपी का कारण बन सकती हैं। 

कई लोगों को बेहोशी से पहले चक्कर आने, धुंधला दिखने, ठंडा पसीना आने और कमजोरी महसूस होती है। 

4 of 5
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
दिल की समस्याओं का हो सकता है संकेत

अगर बिना किसी चेतावनी के अचानक बेहोशी हो जाए तो इसके पीछे हृदय संबंधी कारण हो सकते हैं। 
 
  • दिल की धड़कन बहुत तेज या फिर बहुत धीमी होने पर शरीर और मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। 
  • कुछ मामलों में हार्ट वाल्व की बीमारी, कार्डियोमायोपैथी या अन्य हृदय रोग भी जिम्मेदार हो सकते हैं। 
  • यदि बेहोशी के साथ सीने में दर्द, सांस फूलने जैसे लक्षण भी हैं तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
समय पर लें डॉक्टर की सलाह - फोटो : Adobe stock
डिहाइड्रेशन और शुगर लो होना भी है कारण

गर्मी, बुखार, उल्टी-दस्त जैसी स्थितियों या फिर पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में  जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर और बेहोशी हो सकती है। 
 
  • इसके अलावा अगर आपका ब्लड शुगर बहुत लो रहता है तो इससे भी बेहोशी का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज के मरीजों को अपने शुगर लेवल पर निरंतर ध्यान देते रहना चाहिए।

डॉक्टर कहते हैं, बेहोशी के खतरे को कम करने के लिए खूब पानी पीते रहने और लंबे समय तक खाली पेट न रहें। संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और डॉक्टर की सलाह लेते रहना भी जरूरी है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें