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जानना जरूरी: पानी पीने के बाद भी लगी रहती है प्यास? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

Fri, 15 Nov 2024 06:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बहुत अधिक प्यास लगना - फोटो : Freepik.com
अच्छी सेहत के लिए हमें पौष्टिक आहार की जितनी जरूरत होती है, दिनभर में खूब पानी पीते रहना भी उतना ही आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोई भी मौसम हो सभी लोगों को नियमित रूप से कम से कम तीन-चीर लीटर पानी जरूर पीते रहना चाहिए। ये अपशिष्टों को बाहर निकालने, शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने और अंगों को बेहतर तरीके से काम करने के लिए जरूरी है। पर क्या आप जानते हैं कि बहुत अधिक पानी पीना या बहुत अधिक प्यास लगना दोनों ही सेहत के लिए ठीक नहीं है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मसालेदार खाना खाने या जोरदार स्तर का व्यायाम करने के बाद प्यास लगना सामान्य है। खासकर जब मौसम गर्म हो तो ये और भी आम हो जाता है। हालांकि, कभी-कभी आपकी प्यास सामान्य से ज्यादा हो सकती है और पानी पीने के बाद भी प्यास बनी रहती है। इस तरह की स्थिति को सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है।

बहुत अधिक या बार-बार प्यास लगने की स्थिति कुछ मामलों में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी संकेत हो सकती है।
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बार-बार पानी पीने की जरूरत - फोटो : Freepik.com
बहुत अधिक प्यास लगने की दिक्कत (पॉलीडिप्सिया)

बार-बार या बहुत अधिक प्यास लगने की स्थिति को मेडिकल की भाषा में पॉलीडिप्सिया कहा जाता है। अगर आपको हर समय प्यास लगी रहती है, यहां तक कि बहुत सारा पानी पीने के बाद भी आप प्यास महसूस करते हैं तो ये कुछ प्रकार की बीमारियों का संकेत हो सकता है। डायबिटीज या डायबिटीज इन्सिपिडस जैसी समस्याओं के शिकार लोगों में ये दिक्कत अधिक देखी जाती रही है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है क्योंकि आपके शरीर को ठीक से काम करने के लिए हाइड्रेटेड रहने की जरूरत होती है। लेकिन पॉलीडिप्सिया की स्थिति में आपकी प्यास कई दिनों, हफ़्तों या महीनों तक बहुत अधिक बनी रह सकती है। चाहे आप कितना भी पानी पी लें, आपकी प्यास नहीं बुझती है।
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किडनी की समस्या - फोटो : Adobe stock
कहीं आपको डायबिटीज इन्सिपिडस की दिक्कत तो नहीं?

डायबिटीज इन्सिपिडस के शिकार लोगों को बार-बार प्यास लगने की दिक्कत हो सकती है। हालांकि डायबिटीज इन्सिपिडस को डायबिटीज मेलिटस को एक ही समझने की गलती नहीं की जानी चाहिए। डायबिटीज इन्सिपिडस आपकी किडनी और उनसे जुड़ी ग्रंथियों और हार्मोन को प्रभावित करती है। इसके कारण शरीर में मूत्र का उत्पादन अधिक हो सकता है, जिसके कारण भी आपको अधिक या बार-बार प्यास लगी रह सकती है।

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पोटेशियम की कमी - फोटो : Freepik.com
लो पोटेशियम की समस्या (हाइपोकैलिमिया)

हाइपोकैलिमिया वह स्थिति है जिसमें आपके रक्त में पोटेशियम की मात्रा सामान्य से काफी कम हो जाती है, इससे पीड़ित लोगों को भी अधिक या बार-बार प्यास लगने की समस्या हो सकती है।

उल्टी-दस्त, कुछ दवाओं के अधिक सेवन के कारण शरीर में पोटेशियम का स्तर प्रभावित हो जाता है। अगर ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो आपको अधिक प्यास लगने की समस्या हो सकती है।
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पानी पीते रहना जरूरी परअधिक नहीं - फोटो : Freepik.com
शरीर के संकेतों पर दें ध्यान

प्यास आपके शरीर का यह बताने का तरीका है कि तरल पदार्थ की कमी हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में पानी पीने से प्यास दूर हो जाती है। हालांकि, अगर पानी पीने की इच्छा लगातार बनी रहती है, या पीने के बाद भी खत्म नहीं होती है, तो यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जरूर मिल लेना चाहिए।

सामान्य तौर पर एक दिन में तीन-चार लीटर पानी पीना पर्याप्त है। बहुत ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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