आंखों की समस्याओं का इलाज
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कैसे करें इसकी पहचान?
मोतियाबिंद धीरे-धीरे विकसित होता है, इसलिए शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं।
- धुंधला दिखना, रात में देखने में परेशानी, सामने की तेज रोशनी से चकाचौंध होना, रंग फीके दिखाई देना, बार-बार चश्मे का नंबर बदलना इसके सामान्य संकेत हैं।
- यदि ये लक्षण बढ़ रहे हों, तो आंखों की जांच करानी चाहिए।
- शुरुआती पहचान और सही समय पर इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है।
क्या मोतियाबिंद का ऑपरेशन ही सबसे प्रभावी इलाज है?
बीमारी की शुरुआत में चश्मे का नंबर बदलने, बेहतर रोशनी का उपयोग करने से कुछ समय तक देखने में आराम मिल सकता है, लेकिन इससे मोतियाबिंद समाप्त नहीं होता।
- मोतियाबिंद की वजह से पढ़ने, गाड़ी चलाने और रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी होने लगती है, ऐसे में सर्जरी सबसे प्रभावी इलाज होती है।
- ऑपरेशन के दौरान धुंधले प्राकृतिक लेंस को निकालकर उसकी जगह कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है।
- अगर मोतियाबिंद बहुत अधिक पक जाए, तो ऑपरेशन कठिन हो सकता है।
60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, डायबिटीज के मरीजों और जिनके परिवार में मोतियाबिंद पहले से रहा हो, उन्हें नियमित आंखों की जांच करानी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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