हृदय स्वास्थ्य में सुधार के संकेत
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मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में योग शिक्षा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इंदु शर्मा, योग शिक्षा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमेश्वर पाल सहित कई शोधकर्ताओं ने ये अध्ययन किया।
- इसमें शोधकर्ताओं ने 30 स्वस्थ विद्यार्थियों को शामिल किया।
- इन प्रतिभागियों से पांच मिनट तक शांति मंत्र या महा मृत्युंजय मंत्र का जाप कराया गया।
- जाप शुरू होने से पहले, जाप के दौरान और जाप खत्म होने के बाद पांच मिनट आराम करने के बाद इनके शरीर में कई परिवर्तनों को रिकॉर्ड किया गया।
सांस की गति भी हुई कम
शोध में यह भी पाया गया कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने वाले लोगों की सांस की गति भी आराम के बाद कम हो गई। इसका मतलब है कि उनका शरीर ज्यादा शांत और रिलैक्स महसूस करने लगा। हालांकि इससे शरीर में ऑक्सीजन के स्तर, पल्स प्रेशर और पूरे समय के औसत ब्लड प्रेशर में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया।
- शोधकर्ताओं का कहना है कि मंत्र जाप करने से शरीर का पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम अधिक सक्रिय हो सकता है।
- पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम हमारे शरीर का वह सिस्टम है जो तनाव कम करता है, शरीर को आराम देता है, पाचन बेहतर करता है और दिल की धड़कन को सामान्य रखने में मदद करता है। इसे अक्सर आराम और रिकवरी वाला सिस्टम भी कहा जाता है।
- जब यह सिस्टम सक्रिय होता है, तो शरीर तनाव से बाहर निकलकर शांत अवस्था में आने लगता है। यही वजह हो सकती है कि मंत्र जाप के बाद दिल और रक्तचाप से जुड़े कई मापदंड बेहतर हुए।