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Belly Fat: लटकने लगी है तोंद? खान-पान में गड़बड़ी ही नहीं, ये चीजें भी हो सकती हैं इसकी वजह

Fri, 19 Sep 2025 08:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अक्सर लोग मानते हैं कि पेट की चर्बी सिर्फ ज्यादा खाने या तैलीय भोजन के कारण बढ़ती है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। दिनचर्या की कई और भी ऐसी गड़बड़ स्थितियां हैं जो साइलेंटली इसके खतरे को बढ़ा देती हैं।
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पेट की चर्बी बढ़ने का कारण - फोटो : Freepik.com
Belly Fat: वजन बढ़ना और मोटापा मौजूदा समय में स्वास्थ्य की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। कम आयु वालों और बच्चों में भी ये समस्या देखी जा रही है। डॉक्टर पेट पर और कमर के आसपास बढ़ने वाली चर्बी को सबसे नुकसानदायक मानते हैं। कई अध्ययन बताते हैं कि जिन लोगों के पेट-कमर के आसपास फैट इकट्ठा होता है ऐसे लोगों में हृदय रोग, डायबिटीज सहित कई अन्य प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर सभी लोगों को अपना वजन घटाने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। 

शोध बताते हैं कि गड़बड़ लाइफस्टाइल और खान-पान पर ध्यान न देना बेली फैट यानी पेट की चर्बी का प्रमुख कारण है। अगर हम अपने वजन को 8-10% भी कम कर लेते हैं तो इससे कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

पर सिर्फ खानपान में सुधार से ही बेली फैट नहीं कम किया जा सकता है। इसके लिए आपको उन आदतों में भी सुधार करने की जरूरत होती है जो इस खतरे का छिपा हुआ कारण हैं।
 
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बेली फैट बढ़ने का खतरा - फोटो : Adobe stock
पेट पर चर्बी बढ़ने के कई सारे नुकसान 

पेट की चर्बी सिर्फ आपके लुक को ही नहीं खराब करती है, बल्कि यह हमारे शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ जाता है और डायबिटीज का खतरा कई गुना हो जाता है। इसके अलावा पेट की चर्बी वाले लोगों में दिल की बीमारियों और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा भी अधिक देखा जाता रहा है।

यहां जानना जरूरी है कि पेट की चर्बी दो तरह की होती है- सबक्यूटेनियस फैट (जो त्वचा के नीचे होती है) और विसरल फैट (जो हमारे आंतों, लिवर और अन्य अंगों के आसपास जमा होती है)। विसरल फैट सबसे ज्यादा खतरनाक होती है, क्योंकि यह हमारे शरीर के अंदरूनी अंगों को दबाने और उनकी कार्यप्रणाली को बिगाड़ने लगती है। 
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गड़बड़ खान-पान का शरीर पर होने वाला असर - फोटो : Freepik.com
सिर्फ खान-पान में गड़बड़ी से ही नहीं बढ़ता बेली फैट

अक्सर लोग मानते हैं कि पेट की चर्बी सिर्फ ज्यादा खाने या तैलीय भोजन के कारण बढ़ती है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। दिनचर्या की कई और भी ऐसी गड़बड़ स्थितियां हैं जो साइलेंटली इसके खतरे को बढ़ाती हैं और इस तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता है।

हार्वर्ड की एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि देर रात तक जागना या नींद पूरी न होना और शराब पीने की आदत, पेट की चर्बी को तेजी से बढ़ाती हैं। इसमें तुरंत सुधार की जरूरत होती है। 

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नींद पूरी न होने के क्या नुकसान हैं - फोटो : Freepik.com
नींद पूरी नहीं होती तो हो जाएं सावधान

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग रात में 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं उनमें पेट की चर्बी जमा होने का खतरा 30% ज्यादा होता है। इसी तरह, जो लोग दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फैट पेट पर जमा होने लगता है। इसलिए यह मान लेना कि केवल खाना ही वजह है, एक बड़ी गलती है।

आपको पेट की चर्बी कम करने के लिए अपनी नींद में भी समय रहते सुधार कर लेना जरूरी है।
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शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
शराब की आदत भी खतरनाक

खराब नींद की ही तरह से शराब पीने की आदत को भी बेली फैट के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं, शराब में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। यही कैलोरी जब बार-बार शरीर में जाती है, तो फैट बनकर पेट और लिवर पर जमा होने लगती है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट में पाया गया कि शराब पीने वालों में पेट पर चर्बी होने का जोखिम अधिक रहता है। शराब की आदत मेटाबॉलिज्म को भी धीमा कर देती है, यही कारण है कि ऐसे लोगों को पेट जल्दी निकल जाता है।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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