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Stomach Flu: क्या आपको भी बार-बार हो रहा है पेट में इन्फेक्शन? आखिर क्या हैं इसके कारण

Fri, 31 Jul 2026 08:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेट का संक्रमण कई बार संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलता है। जैसे- संक्रमित व्यक्ति के बर्तन, तौलिया या अन्य निजी सामान का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया और वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं।
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पेट में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
आज के समय में पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अनियमित खान-पान और खराब लाइफस्टाइल को इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है, लेकिन सच्चाई यह है कि पेट के इन्फेक्शन के पीछे कई अन्य वजहें भी जिम्मेदार होती हैं। दूषित भोजन, गंदा पानी, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और साफ-सफाई की अनदेखी जैसी आदतें संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देती हैं।

पेट का इन्फेक्शन होने पर अचानक पेट दर्द, दस्त, उल्टी, मिचली, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर समय रहते इन संकेतों को पहचानकर सही सावधानी बरती जाए तो इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानियां - फोटो : Freepik.com
दूषित भोजन और पानी

पेट के संक्रमण का सबसे बड़ा कारण दूषित भोजन और गंदा पानी ही माना जाता है। सड़क किनारे मिलने वाला खुला खाना, लंबे समय तक रखा हुआ भोजन, अधपकी चीजें और बिना उबाला या असुरक्षित पानी पीने से बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये सूक्ष्म जीव पाचन तंत्र पर हमला करते हैं और दस्त, उल्टी, पेट दर्द व बुखार जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं। ऐसे में आपको हमेशा ताजा भोजन और साफ व सुरक्षित पानी का सेवन करना चाहिए।


गलत हाइजीन आदतें

हाथों की सफाई न रखना भी पेट के इन्फेक्शन की बड़ी वजह है। खाने से पहले या शौचालय के बाद हाथ न धोने से कीटाणु सीधे शरीर में पहुंचते हैं, जिससे परेशानियां बढ़ सकती हैं। यह समस्या बच्चों में अधिक देखने को मिलती है, क्योंकि वे अक्सर बिना हाथ धोए खाना खाते हैं या गंदी चीजों को मुंह में डालते हैं। ऐसे में घर के सभी सदस्यों में हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए और बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व सिखाना चाहिए।
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इम्युनिटी की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
कमजोर इम्यून सिस्टम

जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें पेट का संक्रमण जल्दी होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब शरीर की इम्यूनिटी मजबूत नहीं होती, तब बैक्टीरिया और वायरस आसानी से शरीर पर असर दिखाने लगते हैं। पर्याप्त नींद न लेना, तनाव, पोषण की कमी और असंतुलित जीवनशैली इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। इसलिए आपको संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।


संक्रमित व्यक्ति या गंदा वातावरण

पेट का संक्रमण कई बार संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलता है। जैसे- संक्रमित व्यक्ति के बर्तन, तौलिया या अन्य निजी सामान का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया और वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा गंदे वातावरण में रहने या साफ-सफाई का ध्यान न रखने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें और संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाएं।
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पेट की समस्याओं पर दें ध्यान - फोटो : Adobe Stock
लक्षणों को नजरअंदाज करना

अक्सर कई लोग पेट दर्द, दस्त या उल्टी जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर इलाज में देरी कर देते हैं। लेकिन लापरवाही से संक्रमण बढ़ जाए तो शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक कमजोरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए समय रहते चिकित्सक से परामर्श लें, वरना आपको लगातार दस्त, तेज बुखार व उल्टी जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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