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Stroke: हाई बीपी और शुगर कई गुना बढ़ा देता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, जानिए इसे पहचानने का सबसे 'फास्ट' तरीका

Sun, 26 Jul 2026 08:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्ट्रोक दुनिया में मृत्यु और स्थायी विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। वहीं अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन बताती है कि अधिकांश स्ट्रोक रोके जा सकते हैं, यदि उनके जोखिम कारकों को समय रहते नियंत्रित कर लिया जाए।
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ब्रेन स्ट्रोक - फोटो : Amarujala.com
ब्रेन स्ट्रोक हर साल दुनियाभर में 73 साल से अधिक लोगों की मौत का कारण बनता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) और 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज' स्टडी के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल मौतों में से 10% से ज्यादा मौतें सिर्फ स्ट्रोक के कारण होती हैं।

अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन बताती है कि स्ट्रोक के अधिकांश मामले रोके जा सकते हैं, बस इसके जोखिम कारकों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।स्ट्रोक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें इलाज में हर मिनट की देरी दिमाग की लाखों कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। 

डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, ऐसे लोगों में स्ट्रोक होने का खतरा अधिक देखा जाता है। इसलिए जरूरी है कि आप शुगर-बीपी को कंट्रोल रखें।
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ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामले - फोटो : adobe stock images
ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से तक रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है या मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है।
 
  • रक्त की कमी होने पर उस हिस्से की मस्तिष्क कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे वे कुछ ही मिनटों में क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। 
  • स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है- इस्कीमिक स्ट्रोक और हेमोरेजिक स्ट्रोक।
  •  इस्कीमिक स्ट्रोक रक्त की रुकावट के कारण होता है जबकि हेमोरेजिक स्ट्रोक किसी रक्त वाहिका फटने के कारण होता है। 
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ब्रेन की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ब्रेन स्ट्रोक के जोखिमों को जानिए

ब्रेन स्ट्रोक का सबसे बड़ा जोखिम कारक हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। 
  • लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं की दीवारों को कमजोर कर देता है। 
  • इसके अलावा डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और हृदय गति में अनियमितता भी जोखिमों को बढ़ा देती हैं।
  • जिन लोगों के पारिवार में पहले से किसी को ये समस्या रही है उनमें जोखिम ज्यादा देखा जाता है।

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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Adobe Stock
शुगर और बीपी क्यों खतरनाक है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड प्रेशर अगर कंट्रोल न रहे तो ये मस्तिष्क की धमनियों पर लगातार दबाव डालता है। इससे धमनियां संकरी हो सकती हैं या उनके फटने का खतरा बढ़ सकता है। 
 
  • वहीं लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर रक्त वाहिकाओं की भीतरी परत को नुकसान पहुंचाती है और उनमें फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज कर सकती है। 
  • इससे खून के थक्के बनने और रक्त प्रवाह रुकने का जोखिम बढ़ जाता है। 
  • यदि किसी व्यक्ति को हाई बीपी और डायबिटीज दोनों हैं, तो स्ट्रोक का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। 
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स्ट्रोक को कैसे पहचानें? - फोटो : Freepik.com
 ब्रेन स्ट्रोक को कैसे पहचानें?

डॉक्टर बताते हैं,  स्ट्रोक के लक्षण अचानक शुरू होते हैं। इसमें चेहरे का एक तरफ झुक जाना, एक हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने या समझने में कठिनाई होना सबसे आम है। आप FAST नियम से इसकी आसानी से पहचान कर सकते हैं।
 
  • F (Face): क्या चेहरा एक तरफ झुक गया है?
  • A (Arms): क्या एक हाथ उठाने में कमजोरी है?
  • S (Speech): क्या बोलने में परेशानी या शब्द अस्पष्ट हैं?
  • T (Time): यदि इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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