वायरल बीमारियों में निकलते रहे हैं रैशेज
हालांकि, शोधकर्ता इस बात पर जोर देते हैं कि रैशेज कई कारणों से निकल सकते हैं, और मेडिकल विशेषज्ञता के बिना उन्हें समझना मुश्किल है। ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स के अध्यक्ष डॉक्टर रूथ मर्फी कहते हैं, "इस अध्ययन का मतलब ये नहीं है कि लोगों को खुद अपने संक्रमित होने का पता लगाने में मदद मिले, बल्कि ये समझने में मदद करना है कि ये संक्रमण लोगों पर कैसे असर डालता है"।
साउथैम्पटन यूनिवर्सिटी के प्रमुख डॉक्टर माइकल हेड कहते हैं कि न्यूमोनिया समेत कई वायरल संक्रमणों में रैशेज निकला करते हैं। डॉक्टर हेड कहते हैं कि अस्पतालों में भर्ती कुछ फीसदी मरीजों में रैशेज और फोड़े दिखे। हमें अभी तक नहीं पता कि इनमें क्या संबंध है और क्यों कुछ रोगियों में ये हुआ और कुछ में नहीं। अमेरिकी एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी में भी कोविड रोगियों की त्वचा पर दिखे लक्षणों की लिस्ट तैयार की जा रही है।