कोरोना वायरस
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कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के फेफड़ों को तीन चरणों में चपेट में लेता है।
- वायरल रिप्लीकेशन (वायरल के रूप में)
- इम्यून हाइपर-रिएक्टिविटी (प्रतिरक्षा की उच्चता)
- पल्मनेरी डिस्ट्रैक्शन (फेफड़ों का विनाश)
सभी मरीज इन तीनों चरणों से नहीं गुजरते हैं। 25 फीसदी सार्स मरीजों के शरीर में ही ऑक्सीजन की कमी होती है और सांस रुक जाती है। 82 फीसदी कोविड-19 से संक्रमित मरीज गंभीर स्थिति में पहुंचते हैं, एकदम से उनकी मौत नहीं होती है।