प्रतीकात्मक तस्वीर
न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि हम जो खाना खाते हैं, उसे पचने में करीब दो घंटे लगते हैं। खाना हमारी ग्रासनली से होकर पेट तक जाता है और मल के रूप में बाहर निलकने से पहले आंत तक जाता है। इस दौरान पेट में बनने वाले तरल पाचन क्रिया में मदद करते हैं। खाना और पानी में अंतर नहीं रखने से यह प्रक्रिया प्रभावित होती है।