मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहना, स्क्रॉल करते रहना और रील्स देखना हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। बच्चे-युवा तो छोड़िए, बड़ी संख्या में बुजुर्गों में भी रील्स देखते रहने की आदत बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विशेष इस बढ़ते खतरे को लेकर काफी चिंतित हैं। डॉक्टरों ने अलर्ट किया है कि अक्सर रील देखते रहने की आदत ने कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे लोगों में जानलेवा जोखिम भी हो सकते हैं, जिसको लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं रील्स का एल्गोरिदम इस तरह डिजाइन किया जाता है कि यूजर एक के बाद एक वीडियो देखते रहें, जिससे समय का पता ही नहीं चलता। अध्ययनों से पता चलता है कि औसतन एक व्यक्ति रोजाना 2-4 घंटे मोबाइल स्क्रीन पर बिताता है। यह आदत केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह शरीर, दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालती है।
लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना आपको शारीरिक रूप से निष्क्रिय बनाता जाता है जो कई ऐसी बीमारियों की जड़ है जिसे जानलेवा माना जाता है।