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Dipika Kakar: लिवर कैंसर के बाद अब दीपिका कक्कड़ को हो गया स्टमक सिस्ट, जानिए क्या है ये समस्या?

Tue, 24 Feb 2026 11:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dipika Kakar Stomach Cyst: स्टेज-2 लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्या का शिकार रहीं टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ अब एक नई बीमारी का शिकार हो गई हैं। अब दीपिका को स्टमक सिस्ट हो गया है। जानिए आखिर ये नई समस्या क्या है और कितनी गंभीर हो सकती है?
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दीपिका कक्कड़ को स्टमक सिस्ट - फोटो : Freepik.com
मशहूर टीवी अभिनेत्री और बिग बॉस सीजन-12 की विजेता दीपिका कक्कड़ लगातार सेहत में कई तरह की समस्याओं से जूझ रही हैं। मई 2025 में एक जांच के दौरान उनके लिवर में 'टेनिस बॉल' जितने बड़े ट्यूमर का पता चला था। बाद में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें स्टेज-2 लिवर कैंसर हो गया है। सर्जरी के बाद दीपिका ठीक हो गई थीं, हालांकि उनकी मुश्किलें अभी भी साथ नहीं छोड़ रही हैं। 

दीपिका कक्कड़ के पति और एक्टर शोएब इब्राहिम ने अपने हालिया व्लॉग में बताया कि अब दीपिका को स्टमक सिस्ट हो गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में अचानक दीपिका को इतनी तेज पेट दर्द हुआ कि उन्हें हॉस्पिटल जाना पड़ा। सभी को एक बार फिर से कैंसर का डर सताने लगा था मगर, जांच में पता चला है कि उनके पेट में एक गांठ हो गई है। सीटी स्कैन में पता चला कि पेट में 13 मिमी का सिस्ट है। इसका उपचार मंगलवार से शुरू होगा, उन्हें कुछ दिन फिर अस्पताल में भर्ती रहना पड़ेगा। 

अब लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि स्टमक सिस्ट क्या होता है, और ये कितना खतरनाक हो सकता है? आइए इस समस्या के बारे में जानते हैं।
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पेट में सिस्ट की समस्या (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
स्टमक सिस्ट या पेट में गांठ क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक स्टमक सिस्ट आमतौर पर तरल पदार्थों से भरी गांठ नुमा थैलियां होती हैं जो पेट की कैविटी के अंदर बनती हैं। ओवरी, पैंक्रियास या मेसेंटरी जैसे अंगों में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है।
 
  • ज्यादातर सिस्ट बिनाइन (हल्की समस्याओं वाली और बिना कैंसर वाली) होती हैं और इनमें अक्सर कोई खास लक्षण भी नहीं होते है।
  • सामान्य स्थितियों में ये अपने आप ठीक भी हो जाती हैं, लेकिन बड़े आकार के सिस्ट के कारण दर्द, पेट में सूजन और दबाव जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
  • ट्यूमर के आकार और इसके कारण होने वाली दिक्कतों को देखते हुए डॉक्टर सर्जरी कराने की भी सलाह दे सकते हैं।
  • पेट में अक्सर तेज दर्द या सूजन की समस्या बने रहने पर डॉक्टर डायग्नोसिस के लिए अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं, जिसमें इस तरह के सिस्ट नजर आ सकते हैं।
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पेट में गांठ के कारण होने वाली समस्या - फोटो : Freepik.com
क्यों बनता है पेट में सिस्ट?

पेट में सिस्ट होने के कारणों को आम तौर पर समझा नहीं जा सका है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ओवेरियन सिस्ट प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोन से संबंधित समस्याओं के कारण हो सकता है।
 
  • ज्यादातर मामलों में ये सिस्ट हानिकारक नहीं होते हैं, पर अगर इनका आकार बड़ा है और इसकी वजह से दूसरे हिस्सों पर दबाव बढ़ने लगा है तो इसमें सर्जरी जरूरी हो जाता है।
  • जन्मजात दोष के कारण जन्म से ही पेट की संरचना में बदलाव हो सकता है जिसकी वजह से भी सिस्ट विकसित कर सकता है। 
  • इसके अलावा, पेट में लंबे समय तक सूजन, संक्रमण, या गैस्ट्राइटिस जैसी समस्याएं भी सिस्ट बनने का कारण बन सकती हैं।
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सिस्ट के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
स्टमक सिस्ट के जोखिम

स्टमक सिस्ट आमतौर पर सौम्य होती है, लेकिन अगर समय पर पहचान और इलाज न किया जाए तो यह कई स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है। सबसे बड़ा जोखिम पेट दर्द-सूजन, मतली, उल्टी और पाचन में समस्या होना है। सिस्ट के आकार बढ़ने पर यह पेट की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है और भोजन के पाचन में बाधा डाल सकती है।
 
  • कुछ मामलों में सिस्ट फट सकती है जिससे पेट में गंभीर संक्रमण का भी खतरा हो सकता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है। 
  • इसके अलावा, अगर सिस्ट खून की नसों पर दबाव डालती है तो इससे ब्लीडिंग या पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। 
  • कुछ दुर्लभ मामलों में स्टमक सिस्ट कैंसर में भी बदल सकती है, खासकर अगर सिस्ट असामान्य कोशिकाओं से बनी हो।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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