फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Study: इस विटामिन की कमी से हो सकती हैं फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, आप भी हो जाइए सावधान

Fri, 11 Aug 2023 07:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
फेफड़ों को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : iStock
हमारे फेफड़े, शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए सबसे आवश्यक अंग हैं। हालांकि लाइफस्टाइल और कई पर्यावरणीय कारकों के चलते इससे संबंधित बीमारियों का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। अस्थमा, सीओपीडी, इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और टीबी  संक्रमण, फेफड़ों का कैंसर और कई अन्य श्वास संबंधी समस्याएं, फेफड़ों से संबंधित होती हैं।

वैसे तो ये बीमारियां किसी को भी हो सकती हैं पर क्या आप जानते हैं कि कुछ लोगों में इन बीमारियों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है?

फेफड़ों की बीमारियों के जोखिमों को समझने के लिए किए गए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में विटामिन-के की कमी होती है, उनमें दूसरों की तुलना में फेफड़ों से संबंधित समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है। यानी कि अगर विटामिन-के का सेवन पर्याप्त मात्रा में किया जाए तो फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन

2 of 5
विटामिन-के शरीर के लिए जरूरी - फोटो : iStock
विटामिन-के फेफड़ों के लिए जरूरी

ईआरजे ओपन रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, रक्त में विटामिन-के का स्तर कम होने से फेफड़ों की कार्यक्षमता खराब होने और अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और घरघराहट से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है।  

शोधकर्ताओं का कहना है कि विटामिन-के की कमी से फेफड़ों की समस्या का जोखिम हो सकता है पर इसके सप्लीमेंट्स से क्या फेफड़ों को लाभ मिलता है, इसको प्रमाणित करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
विज्ञापन

3 of 5
फेफड़ों की समस्या कैसे दूर करें? - फोटो : iStock
अध्ययन में क्या पता चला?

डेनिश शोधकर्ताओं की टीम द्वारा किए गए इस अध्ययन में 24 से 77 वर्ष की आयु के 4,092 लोगों को शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों का लंग्स फंक्शन टेस्ट किया गया। इसके लिए किए गए रक्त की जांच में पता चला कि जिन लोगों के परीक्षण में शरीर में विटामिन-के के निम्न स्तर के मार्कर थे, उनमें इस रोग के विकसित होने का खतरा अधिक पाया गया। 

4 of 5
फेफड़ों की बीमारी से बचाव - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

प्रमुख शोधकर्ता और अध्ययन के लेखक डॉ. टोर्किल जेस्पर्सन कहते हैं, हम पहले से ही जानते हैं कि विटामिन-के की रक्त में एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हृदय और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भी इसे महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन विटामिन-के का और फेफड़ों पर बहुत कम शोध हुआ है।

यह बड़ी आबादी में विटामिन के और फेफड़ों की कार्यप्रणाली पर प्रभावों वाला पहला अध्ययन है। हमारे परिणाम बताते हैं कि विटामिन-के हमारे फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
आहार से प्राप्त करें विटामिन-के - फोटो : iStock
सप्लीमेंट्स की जगह आहार से प्राप्त करें विटामिन

स्वीडन में करोलिंस्का इंस्टिट्यूट के डॉ. अपोस्टोलोस बोसियोस कहते हैं, इस अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों के रक्त में विटामिन-के का स्तर कम है, उनके फेफड़े खराब हो सकते हैं। हालांकि इस बात के प्रमाण नहीं है कि विटामिन-के सप्लीमेंट्स से फेफड़ों को स्वस्थ किया जा सकता है या नहीं?

यही कारण है कि इस विटामिन के लिए अब तक की अनुशंसित मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आहार के माध्यम से विटामिन-के का सेवन सुनिश्चित करके कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ जरूर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए आहार में पत्तेदार हरी सब्जियों, वनस्पति तेलों और साबुत अनाजों को शामिल किया जा सकता है।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें