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आई हेल्थ: मैक्यूलर डिजनरेशन का बढ़ सकता है खतरा, शरीर में इस विटामिन की कमी को न करें नजरअंदाज

Fri, 30 Oct 2026 09:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विटामिन-डी सिर्फ हड्डियों और इम्युनिटी के लिए ही नहीं, आंखों की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा हो सकता है। जानिए विटामिन-डी कैसे आंखों को स्वस्थ रखने में भूमिका निभाता है?
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मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें रोजाना कई तरह के विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। विटामिन-डी उनमें से एक है जो संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर इसे सिर्फ हड्डियों की मजबूती और इम्युनिटी बेहतर बनाने वाला विटामिन माना जाता रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए भी ये विटामिन बहुत जरूरी है।

अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन-डी की कमी और आंखों से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती है। यहां तक कि इससे मैक्यूलर डिजनरेशन जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।

आइए समझते हैं कि आंखों के लिए विटामिन-डी क्यों जरूरी है और इसकी कमी से क्या नुकसान हो सकते हैं?
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शरीर के लिए विटामिन-डी - फोटो : Amarujala.com/AI
 शरीर के साथ आंखों के लिए भी जरूरी है विटामिन-डी

विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण से लेकर हड्डियों और इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखने तक कई काम करता है। इसकी एक खास बात यह है कि सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने पर हमारी त्वचा इसका खुद निर्माण करने लगती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों और डॉक्टर की सलाह से लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स के जरिए भी इसकी जरूरत पूरी की जा सकती है।
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन-डी आंखों की सेहत को ठीक रखने के लिए भी जरूरी है।
  • यह शरीर में सूजन को नियंत्रित करने और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। 
  • आंखों की रेटिना और उसकी कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के लिहाज से भी ये जरूरी विटामिन है।
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आंखों की समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images
मैक्यूलर डिजनरेशन का जोखिम

मैक्यूलर डिजनरेशन आंखों की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रेटिना के मध्य हिस्से यानी मैक्युला को नुकसान पहुंचता है। इसके कारण आपको सामने की चीजें देखने, पढ़ने और चेहरों को पहचानने में परेशानी हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ जाताहै। गंभीर स्थिति में इससे सेंट्रल विजन भी प्रभावित हो सकता है।
 
  • कुछ अध्ययनों में पाया गया शरीर में विटामिन-डी का कम स्तर कम होने से मैक्यूलर डिजनरेशन का जोखिम बढ़ जाता है।
  • विटामिन-डी आंखों में होने वाली सूजन को कम करता है और रेटिना की कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है। 
  • इतना ही नहीं आंखों की रक्त वाहिकाओं की सेहत को भी ठीक बनाए रखने और नसों को मजबूत करने के लिए भी ये जरूरी है।

 विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन-डी के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण आंखों की सेहत को ठीक रखने में मदद करते हैं।
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विटामिन-डी क्यों जरूरी है? - फोटो : Adobe Stock
विटामिन-डी की कमी से और क्या दिक्कतें होती हैं?

विटामिन-डी की कमी का असर सिर्फ आंखों और हड्डियों पर ही नहीं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
 
  • इससे बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हड्डियों का सही विकास नहीं हो पाता और वे कमजोर या टेढ़ी हो सकती हैं।
  • विटामिन-डी की कमी वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है। लंबे समय में हड्डियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
  • आपको शरीर में दर्द, थकान और मांसपेशियों की कमजोरी महसूस हो सकती है।
  • विटामिन-डी की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है। जिससे आपमें संक्रामक बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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