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वायरल फीवर को हल्के में न लें, इन तरीकों से घर पर ही पा सकते हैं फायदा

Sat, 03 Apr 2021 08:09 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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जुकाम-बुखार - फोटो : freepik
मौसम बदलते ही ज्यादातर लोगों को बुखार और सर्दी-जुकाम की शिकायत शुरू हो जाती है। इस तरह के बुखार को 'वायरल फीवर' या 'मौसमी बुखार' कहा जाता है। भले ही इस तरह के बुखार चार से छह दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं लेकिन इससे होने वाले कमजोरी और अन्य समस्याओं का असर कई दिनों तक बना रहता है। आमतौर पर इस तरह के बुखार वायरल इन्फेक्शन के कारण होता है, जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उन लोगों को मौसम में बदलाव आते ही इस तरह का बुखार हो जाना बहुत ही सामान्य होता है। हालांकि इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आइए वायरल फीवर के कारण और इससे आसानी से बचाव के तरीकों के बारे में जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्यों होता है वायरल फीवर?
मौसम में बदलाव होने के साथ ही हमारे वातावरण में कई प्रकार के वायरस तेजी से बढ़ने शुरू हो जाते हैं। जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उनका शरीर इन वायरस से मुकाबला नहीं कर पाता है, लिहाजा उन्हें बुखार और सर्दी जुकाम जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। बुखार होना, एक तरह की सुरक्षात्मक क्रिया है, जब आप किसी वायरस के संपर्क में आते हैं तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर का तापमान बढ़ा देती है ताकि वायरस का प्रभाव कम हो जाए।
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वायरल फीवर - फोटो : अमर उजाला
वायरल फीवर से कैसे करें बचाव
वायरल फीवर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि इससे होना वाली समस्याओं को ठीक करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा आप कुछ सामान्य से उपायों को प्रयोग में लाकर भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • वायरल फीवर में शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें।
  • अगर आपके गले में खराश या दर्द है तो हल्के गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना काफी फायदेमंद होता है।
  • गले के दर्द को ठीक करने के लिए हल्के गर्म पानी में शहद और नमक डालकर भी गरारे कर सकते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
किन बातों का रखें ध्यान
  • शरीर में पानी की कमी होने से रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। 
  • अगर आपकी नाक बंद है तो भाप लेने से भी फायदा मिलता है।
  • बुखार होने पर घर से बाहर न निकलें, चूंकि यह संक्रमण के कारण होने वाली समस्या है ऐसे में दूसरे लोगों को भी संक्रमण होने का डर रहता है। 
  • बुखार में हम अक्सर खुद से ही दवाइयों का सेवन करने लगते हैं, ध्यान रखें शरीर की आवश्यकता के हिसाब से ही दवाइयां लें।
  • बिना डॉक्टर के सलाह के किसी भी तरह की दवाइयों का सेवन न करें।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
वैसे तो बताए गए उपायों को प्रयोग में लाने से वायरल बुखार ठीक हो जाता है, लेकिन यदि शरीर का तापमान लगातार 103 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक बना रहे, सिर में तेज दर्द हो, एक हफ्ते तक बुखार सही न होना तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। इसके अलावा छाती में दर्द होने, मल में खून आने, त्वचा पर चकत्ते होने या बार-बार उल्टी आने की दिक्कत महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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