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ब्लड कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में मददगार होगी वियाग्रा, रिसर्च में हुआ खुलासा

Sun, 10 Nov 2019 08:51 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पुरुषों में होने वाली इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में इस्तेमाल होने वाले वियाग्रा नाम की दवाई के बारे में आपने जरूर सुना होगा। लेकिन आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि इस दवाई से अब ब्लड कैंसर जैसी बीमारी ठीक हो सकती है। ब्लड कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे पूरी दुनिया परेशान है। हमारे देश में ही हर साल लगभग एक लाख लोग इस बीमारी के शिकार होते हैं। इस बीमारी में सफेद रक्त कणिकाओं का बनना बंद हो जाता है या फिर बहुत ही कम हो जाता है। लेकिन हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को ठीक करने वाली दवाई वियाग्रा से ब्लड कैंसर को ठीक किया जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, वियाग्रा दवाई का बनाने का मकसद इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को ठीक करना नहीं था। इस दवाई को इस लिए तैयार किया गया था कि यह पल्मोनरी आरट्रियल हाइपरटेंशन के लक्षणों का इलाज कर सके। पल्मोनरी आरट्रियल हाइपरटेंशन एक तरह की हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी है जो दिल और फेफड़ों के बीच होती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
पल्मोनरी आरट्रियल हाइपरटेंशन के दौरान फेफड़ों में हाइपरटेंशन की स्थिति बन जाती है। जिस वजह से हृदय को फेफड़ों तक खुन पहुंचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसा स्थिति में वियाग्रा दवा फेफड़ों में फोस्पोडायस्टेरियस एंजाइम बनाती है और रक्त धमनियों को चौड़ा कर फेफड़े को आराम पहुंचाने का काम करती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में हुए एक रिसर्च में इस बात के पुख्ता साबूत हैं कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की परेशानी में मदद करने वाली वियाग्रा ब्लड स्ट्रीम के बोन मैरो में स्टेम सेल्स को रिलीज करने में सहायता करती है, जिससे कलेक्शन आसान हो जाता है। इस अध्ययन में ये भी बताया गया है कि सैनोफी के स्टेम सेल मोबिलाइजर मोजोबिल को वियाग्रा के साथ पेयर करके दिया जाए तो यह बेहतर काम करता है। हालांकि अभी तक यह रिसर्च सिर्फ चूहों पर हुई है। लेकिन इसे जल्द ही इंसानों पर भी किए जाने की बात कही जा रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कोलोरेक्टल कैंसर से भी बचा सकती है वियाग्रा

चुहों पर वियाग्रा के असर के आधार पर अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर चुहों को रोजाना वियाग्रा कि छोटी सी डोज दी जाए तो उनमें कोलोरेक्टल कैंसर होने के खतरे को कई गुना कम किया जा सकता है। हालांकि वियाग्रा का रिसर्च अभी तक सिर्फ जानवरों पर हुआ है लेकिन बहुत जल्दी ही मरीजों पर भी इसका ट्रायल किया जाएगा।
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