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टीकाकरण अभियान: सभी महिलाओं को जरूर जाननी चाहिए वैक्सीनेशन से जुड़ी यह बातें

Tue, 29 Jun 2021 07:01 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिलाओं के लिए कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
Medically Reviewed by-
डॉ तरंग प्रीत कौर
प्रसूति एंव स्त्री रोग विशेषज्ञ
एम्स, दिल्ली 


कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन को ही विशेषज्ञ सबसे मजबूत हथियार के रूप में देखते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीनेशन कोरोना के गंभीर संक्रमण से सुरक्षा देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत की बात करें तो यहां पुरुषों की तुलना में महिलाएं टीकाकरण के लिए कम आ रही हैं, जोकि चिंता का विषय है। भारत की राष्ट्रीय सांख्यिकी साइट कोविन के अनुसार जनवरी 2021 से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में 25 जून तक 309 मिलियन (30.9 करोड़) डोज का वितरण हो चुका है। इसमें से 143 मिलियन (14.3 करोड़) डोज महिलाओं जबकि 167 मिलियन (16.7 करोड़) डोज पुरुषों को दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के टीकारण के लिए ज्यादा सामने न आने का एक कारण, उनके मन में व्याप्त कई तरीके का डर हो सकता है। आइए इस लेख में विभिन्न स्थितियों में जानते कि किन महिलाओं को टीकाकरण कराना चाहिए और किन्हें नहीं?
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गर्भवती महिलाएं भी करा सकती हैं टीकाकरण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
गर्भावस्था में टीकाकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण से संबंधित नया दिशा-निर्देश जारी किया है, इसमें कहा गया है कि गर्भावस्था से संक्रमण का खतरा नहीं बढ़ता है। गर्भवती महिलाएं भी अब बिना किसी हिचक के टीकाकरण करा सकती हैं। गाइडलाइंस में कहा गया है कि ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में शुरुआत में संक्रमण के लक्षण हल्के देखे जाते हैं, लेकिन फिर तेजी से उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है जिसका असर भ्रूण पर भी पड़ सकता है। ऐसे में कोरोना से खुद को और बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए महिलाओं को टीकाकरण कराना चाहिए।
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स्तनपान कराने वाली महिलाएं करा सकती हैं टीकाकरण - फोटो : Social media
स्तनपान और टीकाकरण
देश में टीकाकरण के बारे फैले मिथकों को दूर करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना के टीके स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। इसके अलावा टीके के कारण स्तनपान में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। पिछले दिनों कई भ्रामक रिपोर्टें सामने आई हैं जिसमें कहा जा रहा है कि स्तनपान कराने वाली माताओं को वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ दिनों तक बच्चे को दूध नहीं पिलाना चाहिए, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।

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पीरियड्स में वैक्सीन लगवाया जा सकता है - फोटो : social media
मासिक धर्म के दौरान टीकाकरण
कई महिलाओं के मन में सवाल है कि क्या पीरियड्स के दौरान टीकाकरण कराना चाहिए। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से बताया है कि कोविड वैक्सीन को पीरियड्स के समय में भी बिना झिझक के लगवाया जा सकता है। मासिक धर्म और वैक्सीन के दुष्प्रभावों का कोई संबंध नहीं है। स्मार्ट बनें और टीकाकरण जरूर कराएं। पीरियड्स के दौरान वैक्सीनेशन न कराना सिर्फ मिथ है।
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महिलाओं में वैक्सीनेशन के साइड-इफेक्ट्स - फोटो : iStock
क्या महिलाओं में साइड-इफेक्टस का खतरा ज्यादा होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टीकों की तमाम स्तर पर प्रभाविकता जानने के लिए शोध और अध्ययन जारी है। पुरुषों और महिलाओं की बायोलॉजिकल संरचना के चलते इसका असर थोड़ा अलग-अलग जरूर हो सकता है। महिलाओं में हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण उनमें वैक्सीन की प्रतिक्रिया थोड़ी भिन्न हो सकती है। संभव है कि ऐसे में वैक्सीन के कुछ साइड-इफेक्ट्स भी उनमें अधिक हो सकते हैं। हालांकि इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए अभी और अधिक शोध की आवश्यकता है। फिलहाल सभी महिलाओं को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए, इससे न के कोविड-19 की जटिलताओं और जोखिमों को कम किया जा सकता है साथ ही यह कोरोना के कारण होने वाली मृत्यु के खतरे को भी कम कर देती है। 

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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में प्रसूति एंव स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ तरंग प्रीत कौर के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ तरंग प्रीत को महिलाओं के विभिन्न रोगों के इलाज का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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