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कोरोना महामारी के बीच नया खतरा, इस देश में मिला दिमाग खाने वाला अमीबा, जानें कैसे फैलाता है संक्रमण

Wed, 30 Sep 2020 10:27 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना महामारी के बीच आए दिन अन्य तरह के स्वास्थ्य संकट की भी खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। भारत में आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने एक और चीनी वायरस CQV यानी कैट क्यू वायरस के खतरे के प्रति आगाह किया है, तो महाराष्ट्र और गुजरात के सीमावर्ती जिलों में कांगो बुखार के मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इस बीच अमेरिका से भी एक नए खतरे की खबर सामने आई है। वहां टेक्सास के तटवर्ती इलाके में सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था के तहत सप्लाई किए जा रहे पानी में एक खतरनाक किस्म का अमीबा मिला है। यह अमीबा इंसानों के दिमाग में पहुंचकर उसे खाता है। इस खबर ने कोरोना से बुरी तरह प्रभावित होने वाले अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। 
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छह साल के बच्चे की मौत(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock
इंसानी दिमाग खाने वाले अमीबा की वजह से टेक्सास में छह साल के एक बच्चे की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट हुआ है और इसकी जांच कर रहा है। अमीबा की इस नई प्रजाति का अध्ययन भी किया जा रहा है। फिलहाल टेक्सास के आठ शहरों में लोगों को आगाह किया गया है और सरकारी जलापूर्ति का पानी उपयोग न करने की अपील की गई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने इस संबंध में सूचना जारी कर कहा है कि टेक्सास के जैक्सन झील से आपूर्ति किए जाने वाले पानी में यह अमीबा पाया गया है। इस अमीबा का रेप्लिकेशन तेज होता है यानी यह बहुत तेजी से अपना प्रतिरूप तैयार करता है। ऐसे में अमीबा का रेप्लिकेशन इंसानों के लिए घातक हो सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस नई प्रजाति के अमीबा को नेगलेरिया फाउलरली (Naegleria fowleri) बताया जा रहा है। साल 2009 से लेकर 2018 तक इसके संक्रमण के 34 मामले सामने आए थे। वहीं, 1962 से 2018 तक इस तरह के संक्रमण के अमेरिका में 145 मामले सामने आए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ताजे पानी में पाया जाने वाला यह सूक्ष्म जीव नाक के जरिए इंसानों के दिमाग तक पहुंच सकता है और संक्रमण फैला सकता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, इस अमीबा का संक्रमण दुर्लभ है। जलस्रोतों का रख-रखाव ठीक से नहीं करने पर इस प्रजाति के अमीबा की मौजदूगी हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 
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