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UTI: महिलाओं में बहुत सामान्य है यूटीआई, जानिए क्यों होता है ये संक्रमण

Wed, 29 Jan 2025 02:17 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें। आइए जानते हैं यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के सही उपाय।
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यूटीआई के लक्षण और कारण - फोटो : Amar Ujala
UTI In Women: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) महिलाओं में बहुत आम समस्या है। शोध के अनुसार, हर 10 में से 6 महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का शिकार होती हैं। यह संक्रमण आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मूत्रमार्ग से गुर्दे तक फैल सकता है। यह तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्राशय या गुर्दों तक पहुंच जाते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं। सही समय पर इलाज न कराने पर यह गंभीर समस्या बन सकती है।

सही समय पर इलाज न करने पर यह समस्या गंभीर भी हो सकती है। महिलाओं में होने वाली इस आम समस्या से बचने के लिए सही हाइजीन और बचाव के उपाय अपना सकते हैं। भरपूर पानी पीना, सही सफाई रखना और हेल्दी डाइट लेना इस संक्रमण से बचने के सबसे आसान तरीके हैं। यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें। आइए जानते हैं यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के सही उपाय।
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महिलाओं में यूटीआई के लक्षण - फोटो : istock
महिलाओं में यूटीआई के लक्षण

अगर आप समझना चाहती हैं कि आप यूटीआई की ग्रसित हैं या नहीं,तो इसके लक्षणों से पहचान करें। यहां यूटीआई के कुछ लक्षण दिए जा रहे हैं।
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना  
  • बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना  
  • मूत्र में दुर्गंध आना  
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन  
  • मूत्र का रंग गहरा पीला या लाल होना (खून आना)  
  • कमजोरी और हल्का बुखार आना
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महिलाओं में UTI होने के प्रमुख कारण - फोटो : Freepik.com
महिलाओं में UTI होने के प्रमुख कारण
 
  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में मूत्रमार्ग छोटा होता है जिससे बैक्टीरिया जल्दी मूत्राशय में पहुंच सकते हैं। इसलिए महिलाएं इस संक्रमण से अधिक प्रभावित होती हैं।
  • शौच के इस्तेमाल के बाद गलत तरीके से सफाई करना बैक्टीरिया को मूलमार्ग तक पहुंच सकता है। सार्वजनिक टॉयलेट का अस्वच्छ इस्तेमाल भी संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।  
  • पर्याप्त पानी न पीने से मूत्र के माध्यम से बैक्टीरिया बाहर नहीं निकलते, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है।  ऐसे में दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।  
  • लंबे समय तक पेशाब रोकने से बैक्टीरिया मूत्राशय में जमा होकर संक्रमण कर सकते हैं। नियमित रूप से पेशाब करना संक्रमण से बचाने में मदद करता है।  
  • गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण मूत्राशय कमजोर हो जाता है, जिससे UTI का खतरा बढ़ जाता है। मेनोपॉज के बाद भी एस्ट्रोजन का स्तर घटने से संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।  
  • शुगर लेवल ज्यादा होने से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। इम्यूनिटी कमजोर होने पर शरीर संक्रमण से सही तरीके से लड़ नहीं पाता।  

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UTI से बचने के उपाय - फोटो : freepik.com
UTI से बचने के उपाय
  • कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने से बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
  • जब भी पेशाब आए, तुरंत जाएं।  पेशाब रोकें नहीं।
  • टॉयलेट के बाद सही तरीके से सफाई करें। इससे बैक्टीरिया का खतरा नहीं रहता है।
  • प्रोबायोटिक्स और दही खाएं। अच्छे बैक्टीरिया संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।  
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कब करें डॉक्टर से संपर्क? - फोटो : Freepik
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
  
अगर घरेलू उपायों के बावजूद 2-3 दिन में सुधार न हो, तेज बुखार हो या कमर में दर्द होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर एंटीबायोटिक और इलाज से यह संक्रमण गंभीर रूप लेने से बच सकता है।  

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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