फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Budget 2026: मोबाइल हेल्थ वैन से लेकर कैंसर और डायबिटीज तक, जानें हेल्थ सेक्टर को क्या-क्या मिला बजट में

Wed, 11 Feb 2026 09:06 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूपी सरकार का 2026 का बजट पेश हो रहा है, इसके रोजगार से लेकर एआई के लिए भी बात की गई है। आइए इस लेख में जानते हैं कि हेल्थ सेक्टर को क्या कुछ मिला है।
विज्ञापन
1 of 7
यूपी बजट 2026-27 - फोटो : Amar Ujala
Health Tips For Daily Wellness: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए ₹9.12 लाख करोड़ के इस बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने एक लंबी छलांग लगाते हुए ₹37,956 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। 

यह वृद्धि दर्शाती है कि सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने और हर नागरिक तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुचाने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से लेकर गंभीर बीमारियों के टीकाकरण और श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य योजनाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के इस त्रिकोण पर आधारित बजट ने राज्य को एक 'स्वस्थ प्रदेश' बनाने की दिशा में नए दरवाजे खोल दिए हैं। विशेष रूप से आयुष्मान भारत और जिला अस्पतालों के मजबूती के लिए किए गए आवंटन से आम आदमी को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।

 
विज्ञापन

2 of 7
मेडिसिन - फोटो : Freepik.com
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए 'गारन्टीड' सुरक्षा
प्रदेश के सभी जनपदों में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को 'गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी' सेवा प्रदान करना है, जिससे सरकारी अस्पतालों में इलाज का आर्थिक बोझ शून्य हो सके।

इसके साथ ही, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें आंगनबाडी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं, ताकि शुरुआती चरण में ही बीमारियों की पहचान कर उनका समय पर उपचार किया जा सके और एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखी जा सके।

 
विज्ञापन

3 of 7
बॉडी - फोटो : Adobe Stock Images
श्रमिकों के लिए मोबाइल हेल्थ वैन और पोलियो मुक्त भविष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार निर्माण श्रमिकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। यह वैन निर्माण स्थलों पर जाकर श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करेगी।

वहीं, संक्रामक रोगों के खिलाफ जंग को तेज करते हुए सरकार ने पल्स पोलियो अभियान के तहत 3.28 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाने का लक्ष्य हासिल किया है। जापानी इन्सेफिलाईटिस (JE) से बचाव के लिए प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम को निर्बाध रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि मासूमों को इस जानलेवा बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
 
 

4 of 7
डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार
गरीब परिवारों को महंगे इलाज से बचाने के लिए आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवारों की संख्या अब 49.22 लाख तक पहुंच गई है। इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने ₹500 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की है।

इसके अलावा, आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह भारी-भरकम धनराशि सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश का कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। यह योजना निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान कर आम जनमानस के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है।
 
विज्ञापन

5 of 7
डॉक्टर - फोटो : Adobe Stock Photo
मानसिक स्वास्थ्य और एकीकृत डिजीज सर्विलांस पर जोर
बदलते दौर में मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को समझते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पहल जिला स्तर पर मानसिक विकारों से जूझ रहे लोगों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएगी।

साथ ही, तकनीक का सहारा लेते हुए 'एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल' को और अधिक सशक्त बनाया गया है। अब सरकारी और निजी दोनों चिकित्सा इकाइयां नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों और 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (जैसे कोविड-19) की रिपोर्टिंग इस पोर्टल पर कर रही हैं। इससे राज्य सरकार को किसी भी संभावित महामारी को फैलने से पहले ही रोकने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में काफी मदद मिल सकेगी।
विज्ञापन

6 of 7
Investment - फोटो : AdobeStock
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए बड़ा बजट आवंटन
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग ₹8,641 करोड़ का प्रावधान किया है। इस बजट का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से शहरों के बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। सरकार की यह प्राथमिकता 'अंत्योदय' की भावना को साकार करती है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
हेल्थ सेक्टर - फोटो : freepik
विकसित प्रदेश के लिए 'स्वस्थ यूपी' का संकल्प
वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट उत्तर प्रदेश को चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक ठोस दस्तावेज है। ₹37,956 करोड़ का यह निवेश न केवल मौजूदा स्वास्थ्य प्रणालियों को सुधारेगा बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी प्रदेश को तैयार करेगा। कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाओं की उपलब्धता और जिला अस्पतालों में ट्रामा सेंटरों की स्थापना जैसे कदम मील का पत्थर साबित होंगे।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें