चिकित्सा विज्ञान में 'इंफ्लामेशन' या शरीर की आंतरिक सूजन को संपूर्ण सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। सामान्य तौर पर, सूजन शरीर की रक्षा प्रणाली की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, जो चोट या संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। हालांकि, समस्या तब शुरू होती है जब यह सूजन 'क्रोनिक' या लंबे समय तक बनी रहने वाली बन जाती है।
क्रोनिक इंफ्लामेशन शरीर के स्वस्थ ऊतकों और अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने लगती है, जिससे हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, अर्थराइटिस और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अक्सर गलत खान-पान, अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और प्रदूषण इस सूजन के मुख्य कारण होते हैं। शरीर में होने वाले मामूली दर्द, थकान या पाचन की समस्याओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि ये संकेत हो सकते हैं कि आपका शरीर अंदरूनी सूजन से जूझ रहा है।