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Monsoon Diseases: तेज बुखार के साथ पेट और शरीर में है दर्द, कैसे जानें ये डेंगू है या फिर कुछ और?

Sun, 26 Jul 2026 05:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मानसून के दौरान यदि तेज बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, पेट में लगातार दर्द हो, उल्टी, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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तेज बुखार की समस्या को जानिए - फोटो : Amarujala.com/AI
बारिश के दिनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा अलर्ट हो जाने की सलाह देते हैं। मानसून के दौरान मच्छरों और खान-पान की गड़बड़ी के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। यही कारण है कि इन दिनों अस्पतालों में तेज बुखार, शरीर दर्द, पेट दर्द, उल्टी की शिकायत वाले मरीज ज्यादा देखे जाते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बारिश के दिनों में डेंगू-टाइफाइड और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। हालांकि समस्या यह है कि डेंगू और टाइफाइड जैसी बीमारियों के लक्षण बिल्कुल एक जैसे होते हैं, जिसके कारण समय पर बीमारी का सही निदान नहीं हो पाता है।

डॉक्टर कहते हैं, मानसून के दौरान यदि तेज बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, पेट में लगातार दर्द हो, उल्टी-दस्त या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइए जानते हैं कि तेज बुखार में कैसे पता किया जाए कि आपको टाइफाइड है या फिर डेंगू?
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मानसून के दिनों में बुखार की समस्या - फोटो : Adobe Stock
टाइफाइड और डेंगू का खतरा

मानसून में टाइफाइड के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। ये बीमारी किसी मच्छर के काटने से नहीं, बल्कि साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण के कारण होती है। इसी तरह डेंगू इन दिनों में डेंगू के मामले भी काफी ज्यादा देखे जाते हैं। डेंगू वायरल बीमारी है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। दोनों में तेज बुखार हो सकता है, इसलिए सही समय पर सही पहचान बेहद जरूरी है।

आइए जानते हैं कैसे पता करें आपको किस वजह से बुखार हो रहा है।
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टाइफाइड की दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
पहले टाइफाइड के बारे में जानिए

टाइफाइड  बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। डॉक्टर बताते हैं, यह संक्रमण मुख्य रूप से दूषित पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है। 
 
  • यदि संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित पानी या भोजन का सेवन कर लें, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर आंतों से रक्त में पहुंच जाता है और पूरे शरीर में संक्रमण फैला सकता है।
  • जिन जगहों पर स्वच्छ पेयजल, उचित सीवेज व्यवस्था और साफ-सफाई की कमी होती है, वहां टाइफाइड का खतरा ज्यादा देखा जाता है। 
  • यदि समय पर इलाज न मिले तो यह संक्रमण आंतों में गंभीर सूजन, रक्तस्राव जैसी जटिलताएं भी पैदा कर सकता है। 

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तेज बुखार होने की समस्या - फोटो : Adobe Stock
टाइफाइड की पहचान कैसे करें?

टाइफाइड में बुखार लगातार बढ़ता रहता है और लंबे समय तक रह सकता है। इसके अलावा आपको पेट दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, भूख न लगने, थकान और दर्द की समस्या भी हो सकती है। यदि बुखार लंबे समय तक बना रहे या मरीज को अत्यधिक कमजोरी,  लगातार उल्टी या पेट में तेज दर्द हो तो यह गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। 
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डेंगू-टाइफाइड का खतरा - फोटो : Freepik.com
डेंगू और टाइफाइड में कैसे अंतर करें?

डॉक्टर कहते हैं, डेंगू और टाइफाइड दोनों ही बीमारियों में तेज बुखार और कमजोरी की समस्या होती है, लेकिन इनके कारण और लक्षण अलग हैं। 
 
  • टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जबकि डेंगू वायरल संक्रमण है। 
  • टाइफाइड दूषित भोजन और पानी से फैलता है, जबकि डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता है।
  • डेंगू में अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ त्वचा पर चकत्ते देखे जाते हैं।
  • जबकि टाइफाइड में पेट संबंधी लक्षण, लंबे समय तक रहने वाला बुखार और पाचन तंत्र की शिकायतें अधिक होती हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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