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Diabetes: डायबिटीज के बारे में कितना जानते हैं आप? क्या सिर्फ मीठा खाने से ही होती है ये बीमारी

Sun, 09 Mar 2025 05:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी से संबंधित बीमारी है। इसमें ब्लड शुगर का लेवल काफी बढ़ जाता है। शुगर को कंट्रोल रखने के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल को ठीक रखना जरूरी हो जाता है। क्या आपको इस बीमारी में बारे में जानकारी है?
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डायबिटीज की समस्या - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जो भारत सहित पूरे दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। साल 2023 के आंकड़ों के अनुसार अकेले भारत में 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित थे, ये भारतीय आबादी का लगभग 11.4% है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि आने वाले वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिसको ध्यान में रखते हुए कम उम्र से ही सभी लोगों को बचाव के लिए उपाय करते रहना चाहिए।

डायबिटीज लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी से संबंधित बीमारी है। इसमें ब्लड शुगर का लेवल काफी बढ़ जाता है। शुगर को कंट्रोल रखने के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल को ठीक रखना जरूरी हो जाता है। डॉक्टर कहते हैं, किसी भी बीमारी से बचाव और इसकी जटिलताओं को कम करने के लिए इसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। 

आइए डायबिटीज से जुड़े कुछ मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में जानते हैं।
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टाइप-2 डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज को कंंट्रोल रखने के उपाय जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। एक अध्ययन के अनुसार देश में 50% लोगों को अपने ब्लड शुगर लेवल की जानकारी नहीं होती है। ऐसे में चाहे आपको डायबिटीज है या नहीं, जीवनशैली से जुड़ी ये बातें पता होनी चाहिए। सही खानपान, व्यायाम, दवा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे नियंत्रित रखा जा सकता है। डायबिटीज के बारे में सही जानकारी होना भी जरूरी है। 
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डायबिटीज की दवाएं - फोटो : Freepik.com
मिथ- डायबिटीज की दवा शुरू हो गई, तो कभी बंद नहीं होती। 

डायबिटीज रोगियों को आहार और दिनचर्या के साथ-साथ दवाओं का भी विशेष ध्यान देते रहना चाहिए। शुरुआती स्थिति में सही जीवनशैली अपनाने से दवाओं की जरूरत कम होती है। कुछ मामलों में बंद भी हो सकती है। हालांकि जिन लोगों को गंभीर डायबिटीज की समस्या है और इसका अन्य अंगों पर भी असर होने लगा है तो आपके डॉक्टर की सलाह पर लंबे समय तक दवा  लेते रहने की आवश्यकता हो सकती है।

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चीनी खाने के नुकसान - फोटो : Freepik.com
मिथ: ज्यादा मीठा खाने से होती है डायबिटीज

डायबिटीज होने के लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं। इसमें अनुवांशिकता, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और खराब जीवनशैली शामिल हैं। सिर्फ मीठा खाने से ही डायबिटीज नहीं होती, लेकिन अत्यधिक चीनी का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। मीठे पेय पदार्थ, ज्यादा चीनी वाली चीजों के अलावा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। ये हाई कैलोरी वाली होती हैं जिससे डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
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मोटापा औऱ डायबिटीज का खतरा - फोटो : Adobe stock photos
टाइप 2 डायबिटीज केवल मोटे लोगों को होती है।

मोटापा या अधिक वजन के शिकार लोगों में डायबिटीज और इसके कारण होने वाली समस्याएं अधिक देखी जाती हैं पर ऐसा नहीं है कि ये बीमारी सिर्फ मोटापा के शिकार लोगों को ही होती है। पतले लोग भी टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित हो सकते हैं। अगर आपकी शारीरिक गतिविधि कम है, खान-पान ठीक नहीं है या फिर आपमें इसका आनुवांशिक जोखिम है तो इससे भी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
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डायबिटीज में कौन से फल खाएं? - फोटो : Freepik.com
मिथ: डायबिटीज वाले लोग फल नहीं खा सकते।

फल प्राकृतिक शर्करा (फ्रुक्टोज) से भरपूर होते हैं, लेकिन फाइबर और पोषक तत्व भी देते हैं। ऐसा नहीं है कि डायबिटीज रोगी फल नहीं खा सकते हैं, पर कौन से फल खाने चाहिए इसका ध्यान रखना जरूरी है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों जैसे (सेब, नाशपाती, अमरूद जामुन) का नियंत्रित मात्रा में सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। फाइबर वाले फलों को आहार का हिस्सा बनाए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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