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कोरोना महामारी के बाद से दिसंबर तक देश में रिकॉर्ड 2.41 करोड़ बच्चों का जन्म: यूनिसेफ का आकलन

Thu, 07 May 2020 05:03 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) का अनुमान है कि मार्च में कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के बाद से नौ महीने के भीतर यानी दिसंबर तक भारत में रिकॉर्ड स्तर पर दो करोड़ से ज्यादा बच्चों का जन्म होने की संभावना है। कोरोना वायरस के कारण फैली बीमारी कोविड 19 को 11 मार्च को वैश्विक महामारी घोषित किया गया था और यूनिसेफ ने बच्चों के जन्म का यह आकलन 40 सप्ताह की अवधि का किया है। यूनिसेफ ने आगाह किया है कि दुनिया भर में वैश्विक महामारी के दौरान गर्भवती महिलाएं और इस दौरान पैदा हुए बच्चे प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं के संकट का सामना कर रहे हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आने वाले 10 मई को मदर्स डे है। मदर्स डे से पहले यूनिसेफ ने एक आकलन में कहा है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के साए में 11.6 करोड़ बच्चों का जन्म होगा। भारत में 11 मार्च से 16 दिसंबर के बीच 20.1 मिलियन यानी दो करोड़ से ज्यादा बच्चों के जन्म की संभावना है। 
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यूनिसेफ के आकलन के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2020 के बीच भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान आदि देशों में भी बड़ी संख्या में बच्चों के जन्म की संभावना है।
  • भारत- 2.41 करोड़ बच्चों के जन्म की संभावना
  • चीन-  1.35 करोड़ बच्चों के जन्म की संभावना
  • नाइजीरिया- 64 लाख बच्चों के जन्म की संभावना
  • पाकिस्तान- 50 लाख बच्चों के जन्म की संभावना
  • इंडोनेशिया- 40 लाख बच्चों के जन्म की संभावना
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यूनिसेफ ने आगाह किया है कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए चल रहे प्रयासों की वजह से जीवन-रक्षक स्वास्थ्य सेवाएं जैसे बच्चे के जन्म के दौरान मिलने वाली चिकित्सा सेवा प्रभावित है। इन प्रयासों में लॉकडाउन प्रमुख है। लॉकडाउन की वजह से लाखों गर्भवती महिलाएं और बच्चे गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। यूनिसेफ ने कहा कि यह विश्लेषण संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या संभाग के विश्व जनसंख्या अनुमान 2019 के आंकड़े के आधार पर है।
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