मंकीपॉक्स संक्रमण का खतरा
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भारत-यूके में सामने आए संक्रमण के मामले
हालिया मामलों की बात करें तो डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि रिकॉम्बिनेंट एमपॉक्स वायरस के दो नए मामलों का पता चलना बताता है कि हमें लगातार जीनोमिक सर्विलांस की जरूरत है। पूरी दुनिया में पब्लिक हेल्थ रिस्क असेसमेंट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- पहला मामला यूनाइटेड किंगडम में रिपोर्ट किया गया था, जिसकी साउथ-ईस्ट एशिया के एक देश की ट्रैवल हिस्ट्री थी। शुरुआती लैब टेस्टिंग में वायरस की पहचान क्लेड Ib के तौर पर हुई, लेकिन बाद में होल जीनोम सीक्वेंसिंग से पता चला कि इसमें क्लेड Ib और क्लेड IIb दोनों स्ट्रेन के जेनेटिक हिस्से थे।
- वहीं दूसरा मामला भारत में रिपोर्ट किया गया है, जिसकी अरब पेनिनसुला के एक देश ट्रैवल हिस्ट्री रही है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा बार-बार सीक्वेंसिंग से नतीजों की पुष्टि हुई है कि वायरस रिप्लीकेट कर सकता है और इसके और ज्यादा फैलने की आशंका हो सकती है।