फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्विटर के सीइओ जैक डॉर्सी इस डाइट को करते हैं फॉलो, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Wed, 17 Apr 2019 04:54 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
हर रोज एक नई डाइट के बारे में सुनते हैं जिससे आप अपने आप को फिट रख सकते हैं। अपनी फिटनेस बरकरार रख सकते हैं और बढ़ते वजन को आप रोक सकते हैं। लेकिन आपने इंटरमिटेंट फास्टिंग डाइट प्लान के बारे में सुना है। दरअसल, इस डाइट प्लान के तहत आपको हर दिन सिर्फ एक मील खाना होगा। इस डाइट को फॉलो कर रहे हैं ट्विटर के सीईओ जैक डॉर्सी। वह हफ्ते में सिर्फ एक पांच मील खाते हैं और वीकेंड पर सिर्फ पानी पीते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
ट्विटर के संस्थापक और सीईओ जैक डॉर्सी इन दिनों अपनी डाइट के वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। जैक प्रतिदिन 24 गंटे में से 22 घंटे फॉस्टिंग करते हैं। ब्रेकफास्ट और लंच स्किप कर वह सिर्फ डिनर करते हैं। आठ किलोमीटर पैदल चलकर अपने ऑफिस जाते हैं और हर दिन सुबह-सुबह पंद्रह मिनट बर्फ के ठंडे पानी से नहाते हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
एक हफ्ते में सिर्फ पांच मील खाते हैं जैक
जैक डॉर्सी ने बताया कि इस तरह का स्ट्रिक्ट डाइट और हेल्थ प्लान को फॉलो कर उन्हें फोकस्ड और शार्प रहने में मदद मिलती है। जैक का कहना है कि इस स्पेशल रूटीन की वजह से उनका दिमाग इतना क्लियर रहता है कि बिस्तर पर जाते ही उनको दस मिनट में नींद आ जाती है। हालांकि जैक डॉर्सी के इस अजीबोगरीब आदत को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ चुकी है। जैक डॉर्सी हर दिन सिर्फ एक बार खाने का प्लान फॉलो करते हैं जो इंटरमिटेंट फास्टिंग यानी अनिरंतर उपवास का एक्सट्रीम वर्जन है। शरीर को डिटॉक्स करने या वजन घटाने के लिए बहुत से लोग इंटरमिटेंट फॉस्टिंग करते हैं। 

4 of 5
इससे शरीर को होते हैं कई नुकसान
हर दिन सिर्फ एक मील खाने से डाइट प्लान के साथ कई गंभीर खतरे भी जुड़े हैं। इनमें हर दिन आपको कई समस्याएं महसूस हो सकती हैं। जैसे कि हद से ज्यादा भूख महसूस करना, शरीर का थर्राना, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना व थकान और चिड़चिड़ापन की समस्या होने लगती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इतना ही नहीं एक शोध में यह बात भी सामने आई था कि इंटरमिटेंट फॉस्टिंग यानी हर दिन सिर्फ एक मील खाने के डाइट प्लान से भले ही आपका वजन कम हो सकता है लेकिन शरीर में एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है। बैड कोलेस्ट्रॉल का सीधा संबंध दिल से जुड़ी बीमारियों और स्ट्रोक से है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें