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सेहत की बात: घर में मौजूद इस असरदार एंटीमाइक्रोबियल से अधिकतर लोग अनजान, मानसून की बीमारियां इससे भागेंगी दूर

Sun, 16 Jul 2023 05:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसून की बीमारियों से कैसे बचेंं? - फोटो : Istock
बरसात के इस मौसम में संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का जोखिम काफी अधिक होता है। फ्लू-त्वचा में संक्रमण की समस्या इन दिनों में काफी आम है। डॉक्टर कहते हैं, नम वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनके इस मौसम में बीमार होने का जोखिम अधिक हो सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि एक बेहद आसान उपाय से आप इसके जोखिमों को कम कर सकते हैं?

हमारे घरों में या आसपास एक ऐसी कारगर और अतिप्रभावी एंटीमाइक्रोबियल औषधि सहजता से उपलब्ध होती है, जिससे संक्रमण के जोखिमों को कई गुना तक कम किया जा सकता है। वह कारगर औषधि है- तुलसी। तुलसी से होने वाले फायदों को जानने के लिए किए गए अध्ययनों में इसके काफी असरदार प्रभावों के बारे में पता चलता है। 
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तुलसी से होने वाले फायदे - फोटो : iStock
संक्रामक रोगों में कारगर हो सकती है तुलसी

तुलसी कितनी असरदार हो सकती है, इसको जानने के लिए किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसमें एंटीमाइक्रोबियल  (जीवाणुरोधी, एंटीवायरल, एंटिफंगल, एंटीप्रोटोजोअल, मलेरिया-रोधी) गुण होने का साथ एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण भी मौजूद होती है जो शरीर को कई प्रकार से लाभ दे सकती है।

ये न सिर्फ कई प्रकार के संक्रमण की स्थिति में रोगजनकों के प्रभावों को कम करने वाली औषधि है साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर आपके शरीर को रोगों से लड़ने के लिए भी तैयार करती है।
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तुलसी मलेरिया में फायदेमंद - फोटो : istock
मलेरिया रोग में भी इससे पा सकते हैं लाभ

तुलसी के व्यापक-स्पेक्ट्रम रोगाणुरोधी गुणों को मानव और पशुओं में विशेष लाभकारी प्रभावों वाला पाया गया है। तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से मलेरिया और डेंगू जैसे मच्छरजनित रोगों के प्रभाव को कम करने में लाभ मिलने के संकेत हैं। तुलसी के पत्तों से प्राप्त रस बुखार और वायरल लोड को कम करने में सहायक हो सकती है। इसे सहायक उपचार के तौर पर प्रयोग में लाया जा सकता है। 

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त्वचा की समस्याओं का खतरा - फोटो : iStock
बरसात में त्वचा के संक्रमण का कम होगा खतरा

बरसात के दिनों में त्वचा से संबंधित कई प्रकार के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इन समस्याओं में भी तुलसी को लाभकारी पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि तुलसी एक्जिमा जैसी शुष्क त्वचा की समस्याओं को कम करने के साथ, इसकी एंटी-इंफ्लामेटरी गुण जलन, लालिमा और खुजली को कम करने में भी कारगर हो सकती है। तुलसी का सेवन और इसे लगाने दोनों के लाभ देखे गए हैं। 

अध्ययनों की समीक्षा में कहा गया है कि वैसे तो इसके मानव परीक्षण कम हैं लेकिन प्रायोगिक अध्ययनों से पता चलता है तुलसी विभिन्न जीवाणु संक्रमणों के उपचार में मदद कर सकती है।
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बहुत कारगर हैं तुलसी की पत्तियां - फोटो : iStock
मानसून में फ्लू से बचा सकती है तुलसी

मौसम में बदलाव के साथ जिन लोगों में फ्लू संक्रमण का खतरा अधिक होता है उन्हें भी तुलसी की पत्तियों से विशेष लाभ मिल सकता है। तुलसी अपने रोगाणुरोधी, एंटीइंफ्लामेटरी-एंटीट्यूसिव (खांसी से राहत देने वाला) गुणों के कारण खांसी और सर्दी के लक्षणों से राहत दिलाने में फायदेमंद है। तुलसी की कुछ पत्तियों को शहद के साथ लेने से फ्लू से राहत मिलती है। इसके काढ़े का भी सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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