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Alert: पेयजल में हानिकारक पीएफएएस रसायन की पुष्टि ने बढ़ाई चिंता, कहीं आपके घर का पानी भी तो नहीं है दूषित?

Sun, 16 Jul 2023 04:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पानी की अशुद्धि को लेकर विशेषज्ञ चिंतित - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन और जल की शुद्धता का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है, पर क्या हम सभी इसे सुनिश्चित कर पा रहे हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका के कम से कम 45% घरों में नल के पानी में पीएफएएस हो सकता है, पीएफएएस एक हानिकराक तत्व है जिसे 'फॉरेवर कैमिकल' के तौर पर जाना जाता है।

यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि राष्ट्रीय स्तर पर पीने के पानी में पीएफएएस की मात्रा हो सकती है।

पीएफएएस (परफ्लुओरोएल्काइल और पॉलीफ्लुओरोएल्काइल पदार्थों) एक प्रकार का सिंथेटिक रसायन है जो विभिन्न प्रकार के उत्पादों से पर्यावरण को दूषित कर सकता है। ये पानी, भोजन, जमीन और हवा में मौजूद हो सकते हैं। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार, लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से समय के साथ शरीर में रसायनों का निर्माण होने का खतरा रहता है जो हानिकारक हो सकता है। 
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पेयजल अशुद्धि से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा - फोटो : istock
अमेरिका के ज्यादातर घरों का पानी दूषित

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) द्वारा किए गए इस अध्ययन को एनवायरनमेंट इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित किया गया। यूएसजीएस ने 269 कुओं और 447 सार्वजनिक जल आपूर्ति से प्राप्त सैंपल का विश्लेषण किया और इसी आधार पर इसके जोखिमों का राष्ट्रीय अनुमान लगाया गया है। 

यूएसजीएस के वैज्ञानिकों ने देशभर के घरों से सीधे एकत्र किए गए पानी का भी परीक्षण किया। अध्ययन की लेखक और जलविज्ञानी केली स्मॉलिंग कहती हैं, इस अध्ययन का अनुमान है कि कम से कम एक प्रकार का पीएफएएस अमेरिका में लगभग आधे से ज्यादा घरों के नल के पानी में मौजूद हो सकता है। 
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दूषित जल से हो सकती हैं बीमारियां - फोटो : istock
क्या प्रकार की बीमारियों का हो सकता है जोखिम

शोधकर्ताओं ने पाया कि पीएफएएस से दूषित जल या खाद्य पदार्थों का अगर सेवन किया जाता है तो इससे लिवर और प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है। पीएफएएस के कारण होने वाले नुकसान के बारे में समझने के लिए इसके प्रयोगशाला अध्ययन में पाया गया कि जिन पशुओं के शरीर में किसी भी माध्यम से यह तत्व लंब समय जाता रहा उनसे जन्म के समय कम वजन, जन्मदोष, विलंबित विकास और नवजात जानवरों की मृत्यु का जोखिम अधिक होता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि सभी लोगों को पानी की स्वच्छता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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स्वच्छ जल का ही करें सेवन - फोटो : Pixels
स्वच्छ जल के सेवन को करें सुनिश्चित 

अगस्त 2022 में एनवायरनमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने चिंता जताई थी कि वर्षा का जल पीएफएएस से दूषित हो सकता है। चूंकि पीएफएएस  की प्रवृत्ति इसमें चिपकी रहने वाली होती है इसलिए लंबे समय तक यह वायुमंडल, वर्षा जल और मिट्टी में हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपके घर का पानी कितना सुरक्षित है इसको मापने के लिए फिलहाल कोई त्वरित व्यवस्था नहीं होती है इसलिए स्वच्छ पानी के सेवन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हमेशा पानी को गरम करके ठंडा करें और फिर इसका छान करके ही सेवन करें। दूषित जल से पेट के साथ मस्तिष्क और तंत्रिकाओं सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है। 


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स्रोत और संदर्भ
Per- and polyfluoroalkyl substances (PFAS) in United States tapwater: Comparison of underserved private-well and public-supply exposures and associated health implications

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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