फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलाह: धमनियों में प्लाक बनने से रोकने के ये हैं चार सबसे कारगर उपाय, हृदय रोगों का खतरा होगा कम

Sun, 12 Sep 2021 01:07 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हृदय रोगों के खतरे से कैसे बचें (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
Medically reviewed by-
डॉ योगेश मोहन
(वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट)
लखनऊ


हृदय रोग विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभार में हर साल लाखों लोगों की मौत हृदय रोगों के कारण हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से हमारे जीवनशैली में बदलाव आया है, उसे इस समस्या के मुख्य कारण के रूप में देखा जा सकता है। धूम्रपान, शराब और शरीरिक निष्क्रियता ने तमाम तरह की दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा दिया है। आलम यह है कि बेहद कम उम्र में ही अब लोग गंभीर रूप से इन बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। गंभीर मामलों में कम उम्र में हार्ट अटैक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जो जानलेवा भी हो सकती हैं। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की मौत ऐसे ही हार्ट अटैक के कारण हो गई थी।
हृदय रोग विशेषज्ञों की मानें को आनुवंशिक कारणों के साथ, रक्त वाहिकाओं के संकुचित होने और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण हृदय रोग की समस्याएं तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। इसके अलावा रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल की बढ़ी हुई मात्रा धमनियों में प्लाक के निर्माण का कारण बनती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि धमनियों में प्लाक के निर्माण को कैसे कम करके हृदय रोगों से सुरक्षित रहा जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
युवाओं में बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ योगेश मोहन कहते हैं, युवाओं में हृदय रोगों के बढ़ते खतरे का मुख्य कारण जीवनशैली में गड़बड़ी और धूम्रपान को माना जा सकता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल के बढ़े हुए स्तर के कारण धमनियों में प्लाक बनने की समस्या बहुत ही कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। अगर हमने समय रहते इस संबध में ध्यान नहीं दिया तो आने वाले वर्षों में देश की बड़ी आबादी हृदय रोगों का शिकार हो जाएगी।
विज्ञापन

3 of 5
धूम्रपान से हृदय रोगों का बढ़ता है खतरा - फोटो : pixels
धमनियों में प्लाक के निर्माण को रोकने के उपाय
डॉ योगेश कहते हैं, अगर हम सभी नियमित रूप से बस इन चार बातों को ध्यान में रखें तो हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  • धमनियों में संकुचन की समस्या को रोकने के लिए धूम्रपान बिल्कुल बंद कर दें। हृदय के स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान बेहद खतरनाक हो सकता है। 
  • आहार पर विशेष ध्यान दें। भोजन में हेल्दी फैट वाली चीजें जैसे देसी घी, बादाम, अखरोट, मछली आदि को शामिल करें। तले-भुने चीजों का सेवन कम करें। 
  • फाइबर युक्त आहार जैसे मकई, गेहूं के खाद्य पदार्थ, जई, दाल, सब्जियां और बीन्स को भोजन में शामिल करें। 
  • नियमित रूप से व्यायाम करें। योग और प्राणायाम से काफी लाभ मिल सकता है। 

4 of 5
पौधों पर आधारित खाद्य-पदार्थ (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का सुझाव 
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में हृदय रोगों के खतरे को कम करने के उपाय बताए गए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ का सेवन करने वाले लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने का खतरा कम होता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि पौधों पर आधारित आहार का सेवन करके मध्य आयु में दिल का दौरा, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और हृदय की अन्य बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अखरोट खाना है बेहद फायदेमंद - फोटो : istock
अखरोट का सेवन हृदय रोगों से बचा सकता है
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि हृदय रोगों के खतरे को कम करने में अखरोट का सेवन काफी लाभदायक हो सकता है। अखरोट, रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को कम करने में काफी सहायक है। इसके अलावा अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड से समृद्ध माना जाता है, जोकि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है।


----------------
नोट: यह लेख तमाम अध्ययनों से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित अध्ययन संलग्न हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें