परीक्षाओें के समय नींद ना पूरी हो रही हो या फिर सुबह उठने में दिक्त हो रही है। हर समय थकावट बनी रहती हो, चीजें भूल जा रहे हैं, भूख ना लगें, सिर में दर्द रहे या फिर देखने में दिक्कत हो रही हो फिर चक्कर आ रहा हो तो ये सब परीक्षाओं का तनाव है।
इस बात को समझना जरुरी है कि कब ज्यादा तनाव होता है। पढ़ाई के बीच-बीच में ब्रेक लेकर किसी अच्छे दोस्त के साथ थोड़ी देर बात कर लें।
विज्ञापन
परीक्षा
2 of 4
परीक्षा
- फोटो : getty images
अपने साथी दोस्तों के साथ खुद की तुलना करने से बचें। उसने इतने चैप्टर पढ़ लिए और मेरे तो अभी यही चैप्टर ही नहीं हुआ। ये तरीके सबसे ज्यादा तनाव को बढ़ावा देते हैं। अपने लिए खुद के हिसाब से एक टाइम टेबल बनाएं और उसे फॉलो करें।
इस समय का खानपान सबसे अहम भूमिका निभाता है। सुबह का नाश्ता, खूब सारे फल और सब्जियों का सेवन तनाव से बचाएंगे और एकाग्रता बनाए रखने में मदद करता है।
विज्ञापन
परीक्षा
3 of 4
परीक्षा
- फोटो : getty images
8 घंटे की नींद तो इस समय में सबसे जरुरी है। अपनी पढ़ाई के बाद किताबे किनारे रखकर सो जाएं बजाए कि वहां भी पढ़ाई और परीक्षा के ख्यालों में खोए रहें।
अपने टाइम टेबल में थोड़ी देर के लिए कसरत को भी शामिल करें। ये दिमाग को तनावमुक्त करने का सबसे असरदार तरीका है।
तनाव दूर करने के लिए जो लोग शराब और सिगरेट का प्रयोग करते हैं वो तो इससे कोसों दूर रहे। ये तनाव को कम करने के बजाए और बढ़ा देगा और मानसिक सेहत पर भी असर डालेगा।
अगर परीक्षा के समय पैनिक कर रहे हैं तो थोड़ी देर शांत बैठे और गहरी सांस ले।
एक जरुरी बात परीक्षा के बाद कई लोग एक्जाम पेपर के बारे में चर्चा करते हैं। वास्तव में ये तरीका सही नहीं है। आपने जो लिख दिया अब उसे वापस जाकर सही नहीं कर सकते। बस बेवजह तनाव होगा। इससे बेहतर है कि पुराने पर चर्चा करके समय गंवाने से ज्यादा जरुरी है कि अगली परीक्षा की तैयारी करें।