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Avian Flu: इस जानलेवा रोग से संक्रमित हुए टिकटॉक स्टार इमैनुएल इमू, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Tue, 18 Oct 2022 03:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इमू इमैनुअल हुईं बर्ड फ्लू की शिकार - फोटो : twitter
टिकटॉक स्टार इमैनुएल इमू एवियन फ्लू के शिकार हो गए हैं। उनके कार्यवाहक टेलर ब्लेक ने एक ट्वीट के माध्मय से जानकारी देते हुए बताया कि इमू हालिया दिनों में जंगली पक्षियों के संपर्क में आए थे जिसके बाद से वह बीमार हैं। दक्षिणी फ्लोरिडा में जंगली हंसों के झुंड के चलते उनके फार्म हाउस में तीन दिनों के भीतर 50 फीसदी से अधिक पक्षियों की संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। संभवत: इमू को भी वहीं से संक्रमण हुआ है।

एवियन फ्लू को बर्ड फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। यह इन्फ्लूएंजा (फ्लू) टाइप ए वायरस के संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है। दुनियाभर में जंगली पक्षियों में इसका प्रकोप देखा जाता रहा है, पक्षियों के संपर्क में आने वाले इंसानों में भी इस संक्रमण का जोखिम होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस फ्लू को काफी घातक माना जाता है, इसके कारण इंसानों में मृत्यदर 56 फीसदी से अधिक देखी गई है। मानव संक्रमण, मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों या दूषित वातावरण के सीधे संपर्क के माध्यम होता है। यह शरीर में कई प्रकार की गंभीर जटिलताओं का कारण बनने के साथ कुछ स्थितियों में जानलेवा भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन स्थानों पर इस प्रकार के संक्रमण का खतरा हो वहां जाने से बचना चाहिए। आइए इस गंभीर संक्रमण के बारे में विस्तार से जानते हुए इससे बचाव के उपायों के बारे में समझते हैं।
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बर्ड फ्लू एक प्रकार के इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। - फोटो : iStock
एवियन या बर्ड फ्लू के बारे में जानिए

बर्ड फ्लू एक प्रकार के इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है, हालांकि इससे सीधे तौर पर इंसानों के प्रभावित होने का जोखिम नहीं होता है। यह पक्षियों, मुर्गों में होने वाला संक्रमण है जिनके माध्यम से यह इंसानों में संक्रमण का कारण बनता है।  एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखा जा चुका है।

कुछ मामलों में, बर्ड फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खुले बाजार में जहां अंडे और मुर्गे बेचे जाते हैं, या जहां पर पोल्ट्री फार्म्स होते हैं वहां से संक्रमण के बढ़ने का खतरा सबसे अधिक देखा गया है।
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बर्ड फ्लू में इन्फ्लूएंजा संक्रमण की तरह होते हैं लक्षण - फोटो : istock
बर्ड फ्लू के लक्षणों के बारे में जानिए

बर्ड फ्लू के लक्षण संक्रमण के दो से सात दिनों के भीतर शुरू हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में इसके लक्षण इन्फ्लूएंजा संक्रमण की तरह ही होते हैं, जिनपर समय रहते ध्यान और उपचार की विशेष आवश्यकता होती है। संक्रमितों में खांसी, बुखार, गला खराब होना, मांसपेशियों के दर्द, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। कुछ लोगों को मतली, उल्टी या दस्त का भी अनुभव होता है। शोधकर्ताओं ने कुछ संक्रमितों में कंजंक्टिवाइटिस की समस्या भी देखी है, जो इसे सामान्य इन्फ्लूएंजा संक्रमण से अलग बनाती है। 

यदि आपने हाल ही में किसी ऐसे स्थान की यात्रा की है जहां बर्ड फ्लू का प्रकोप है और आपमें बुखार, खांसी और शरीर दर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो इस बारे में तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करके इलाज प्राप्त करें। 

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बर्ड फ्लू की समस्या हो सकती है गंभीर - फोटो : Istock
बर्ड फ्लू के कारण गंभीर जटिलताओं का खतरा

बर्ड फ्लू से पीड़ित लोगों में समय से स्थिति की पहचान और इलाज न होने के कारण कई गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य जटिलताओं के विकसित होने का भी जोखिम हो सकता है। यह निमोनिया, रेस्पोरेटरी फेलियर. किडनी और हृदय की समस्याओं का भी कारण बन सकती है। बर्ड फ्लू से संक्रमित होने वाले आधे से ज्यादा लोगों में मौत का खतरा होता है।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र का अनुमान है कि अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल हजारों मौतों के लिए इसे एक कारण माना जा सकता है। ऐसे में समय पर इलाज और इससे बचाव करते रहना आवश्यक माना जाता है।
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बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी - फोटो : Twitter
बर्ड फ्लू का इलाज और बचाव

बर्ड फ्लू से संक्रमितों की स्थिति और लक्षणों के आधार पर इलाज के लिए डॉक्टर एंटीवायरल दवाओं को प्रयोग में ला सकते हैं। रोग के इलाज के दौरान लक्षणों को ठीक करने और रोग को बढ़ने से रोकने पर ध्यान दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। यदि आप किसी संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं या हाल ही में वहां की यात्रा की है तो पक्षियों विशेषकर पोल्ट्री के संपर्क में आने से बचें। अंडे-चिकन का सेवन बिल्कुल न करें।

सभी प्रकार के संक्रमणों को रोकने का सबसे सरल और सर्वोत्तम तरीका है- हाथ धोते रहना। यात्रा करते समय अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें, या फिर साफ साबुन-पानी से हाथ धोते रहें। फ्लू शॉट संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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